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इंटर का कम तो हाईस्कूल का रिजल्ट रहा अच्छा
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:08 AM IST
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इंटरमीडिएट का कम तो हाईस्कूल क ा रिजल्ट रहा अधिक
हापुड़। प्रदेश में सरकार की सख्ती का असर इंटरमीडिएट की परीक्षा पर दिखायी दिया। इस बार इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम पिछले साल की अपेक्षा कम रहा। हालांकि हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में कटौती की गयी। हाईस्कूल के रिजल्ट में 6.93 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई, जबकि इंटरमीडिएट का परिणाम 4.22 प्रतिशत कम रहा।
सत्र 2016-17 में जिले में हाईस्कूल के 13715 विद्यार्थी पंजीकृत हुए थे। जिनमें से 543 विद्यार्थी परीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहे और 159 विद्यार्थी फेल रहे। कुल मिलाकर जिले का हाईस्कूल परिणाम 76.68 प्रतिशत रहा। लेकिन इस वर्ष परिणाम बढ़कर 83.61 हो गया है। वहीं, इंटरमीडिएट में सत्र 2016-17 में 11238 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 209 विद्यार्थी परीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहे, जबकि 1079 विद्यार्थी परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे। कुल मिलाकर पिछले वर्ष जिले का परिणाम 90.40 प्रतिशत रहा। लेकिन इस वर्ष इंटरमीडिएट के परिणाम में गिरावट दिखाई दी। जो पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4.22 प्रतिशत कम रहा।
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हापुड़। प्रदेश में सरकार की सख्ती का असर इंटरमीडिएट की परीक्षा पर दिखायी दिया। इस बार इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम पिछले साल की अपेक्षा कम रहा। हालांकि हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में कटौती की गयी। हाईस्कूल के रिजल्ट में 6.93 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई, जबकि इंटरमीडिएट का परिणाम 4.22 प्रतिशत कम रहा।
सत्र 2016-17 में जिले में हाईस्कूल के 13715 विद्यार्थी पंजीकृत हुए थे। जिनमें से 543 विद्यार्थी परीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहे और 159 विद्यार्थी फेल रहे। कुल मिलाकर जिले का हाईस्कूल परिणाम 76.68 प्रतिशत रहा। लेकिन इस वर्ष परिणाम बढ़कर 83.61 हो गया है। वहीं, इंटरमीडिएट में सत्र 2016-17 में 11238 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 209 विद्यार्थी परीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहे, जबकि 1079 विद्यार्थी परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे। कुल मिलाकर पिछले वर्ष जिले का परिणाम 90.40 प्रतिशत रहा। लेकिन इस वर्ष इंटरमीडिएट के परिणाम में गिरावट दिखाई दी। जो पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4.22 प्रतिशत कम रहा।
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