{"_id":"58d019d74f1c1be5431a2ac9","slug":"10-thousand-toilets-will-be-built-in-ten-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस दिनों में बनाने होंगे 10 हजार शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस दिनों में बनाने होंगे 10 हजार शौचालय
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Tue, 21 Mar 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
BIO TOILET
- फोटो : DEMO PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मार्च 31 तक गाजियाबाद को खुले में शौच मुक्त करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब दस दिनों में गाजियाबाद के 10 हजार घरों में शौचालय बनवाकर गांवों को पूरी तरह ओडीएफ करने की तैयारी है।
डीपीआरओ वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि गांवों को ओडीएफ करने के लिए शौचालय बनवाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए नोडल अधिकारी भी तय कर दिए गए हैं। हर रोज स्वच्छता चैंपियन की बैठक चल रही है।
लोगों को जागरूक कर उनसें शौचालय बनवाए जा रहे हैं। डीपीआरओ ने बताया कि अगले एक माह में सभी के खातों में शौचालय का पैसा पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 55 गांव पहले ही ओडीएफ किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
अब उन गांवों को पूर्णत: स्वच्छ रखने के साथ ही अन्य 64 गांवों को ओडीएफ करने की जिम्मेदारी सभी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है। पंचायत राज विभाग के साथ ही प्रशासन के अन्य अधिकारियों को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
हर रोज अधिकारियों को गांवों में जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। जिनके घर में शौचालय है, उन ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करने को जागरूक किया जा रहा है।
यहां तक कि जिनके घर में शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा है, उन्हें भी खुले में न जाने की बजाय पड़ोस के घर में बने शौचालय का प्रयोग करने को कहा जा रहा है। डीपीआरओ ने बताया कि सभी अधिकारी गांवों को ओडीएफ करने में जुटे हुए हैं। बता दें कि 31 मार्च तक गांवों में यदि ओडीएफ कर दिया गया तो गाजियाबाद प्रदेश का पहला ओडीएफ जनपद होगा।
विज्ञापन
डीपीआरओ वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि गांवों को ओडीएफ करने के लिए शौचालय बनवाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए नोडल अधिकारी भी तय कर दिए गए हैं। हर रोज स्वच्छता चैंपियन की बैठक चल रही है।
विज्ञापन
लोगों को जागरूक कर उनसें शौचालय बनवाए जा रहे हैं। डीपीआरओ ने बताया कि अगले एक माह में सभी के खातों में शौचालय का पैसा पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 55 गांव पहले ही ओडीएफ किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
अब उन गांवों को पूर्णत: स्वच्छ रखने के साथ ही अन्य 64 गांवों को ओडीएफ करने की जिम्मेदारी सभी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है। पंचायत राज विभाग के साथ ही प्रशासन के अन्य अधिकारियों को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
हर रोज अधिकारियों को गांवों में जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। जिनके घर में शौचालय है, उन ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करने को जागरूक किया जा रहा है।
यहां तक कि जिनके घर में शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा है, उन्हें भी खुले में न जाने की बजाय पड़ोस के घर में बने शौचालय का प्रयोग करने को कहा जा रहा है। डीपीआरओ ने बताया कि सभी अधिकारी गांवों को ओडीएफ करने में जुटे हुए हैं। बता दें कि 31 मार्च तक गांवों में यदि ओडीएफ कर दिया गया तो गाजियाबाद प्रदेश का पहला ओडीएफ जनपद होगा।