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गाजियाबाद में रजिस्ट्री महंगी, लागू हुए नए सर्किल रेट
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 01 Aug 2014 01:30 AM IST
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गाजियाबाद जिले में प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त अब आसान नहीं है। रजिस्ट्री के लिए मोटी रकम बतौर स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। डीएम ने मंजूरी मिलने के बाद जिले में आधी रात से नए सर्किल रेट लागू कर दिए गए हैं।
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इससे साथ ही सर्किल रेट के विरोध में तहसील कंपाउंड संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। तहसील कंपाउंड संघ के सचिव महेश चंद शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित सूची में संशोधन के लिए उनकी डीएम के साथ बैठक भी हुई थी।
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अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया, मगर उनकी एक भी आपत्ति पर सूची में कोई संशोधन नहीं किया गया। ऐसे में तहसील कंपाउंड संघ ने फैसला लिया है कि जब तक सर्किल रेट सूची में उचित संशोधन नहीं किया जाएगा, तब तक एक अगस्त से तक हड़ताल पर रहेंगे और तहसील में ही धरना देंगे।
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आवासीय श्रेणी में कौशांबी और व्यावसायिक श्रेणी में आरडीसी शहर के सबसे महंगे इलाके बन गए हैं। अब यहां जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए 70 हजार प्रति वर्गमीटर के हिसाब से स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। कालोनी के अंदर और मेन रोड की प्रापर्टी के लिए भी अलग सर्किल रेट हैं।
पार्क-कॉर्नर भूखंड पर अतिरिक्त स्टांप
पार्क फेस और कॉर्नर के भूखंड पर साढे सात-सात प्रतिशत अलग से स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। यदि कोई संपत्ति कॉर्नर की है और वह पार्क फेसिंग भी है तो ऐसे में 15 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप देना होगा।
पानी बचाने पर पांच प्रतिशत की छूट
ऐसे सभी मकानों और इमारतों की रजिस्ट्री में आवंटी को पांच प्रतिशत की छूट स्टांप विभाग देगा, जिनकी छत पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा हो।
20 साल पुराने मकानों पर मिलेगी छूट
बीस और इससे ज्यादा साल पुराने बने मकानों की रजिस्ट्री कराने पर भी छूट का प्रावधान किया गया है। ऐसे मकानों की रजिस्ट्री में लगे कुल स्टांप पर 20 से 30 प्रतिशत तक की छूट मिल सकेगी। इसके लिए संबंधित मकान के पुराना होने का प्रमाण देने के लिए पुराने हाउस टैक्स या फिर बिजली के बिल की रसीद पेश करनी होगी।
मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के स्टांप में भी छूट
चार मंजिला और इससे ऊंची इमारतों केफ्लैट पर भी स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई है। इसमें बेसमेंट के लिए कुल स्टांप ड्यूटी में से 35 प्रतिशत, भूतल के लिए 15 और अन्य मंजिलों पर 30 प्रशित तक की छूट दी जाएगी।
अंतिम दिन एक हजार से ज्यादा रजिस्ट्री
पुराने सर्किल रेट पर ही रजिस्ट्री कराने के लिए बृहस्पतिवार को भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में लाइन लगी रही। पांचों सब रजिस्ट्रार कार्यालय में 1000 हजार से ज्यादा संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई। एआईजी स्टांप जीपी सिंह का कहना है कि जिन लोगों ने 31 जुलाई तक स्टांप खरीद लिया होगा, उनकी रजिस्ट्री पुराने सर्किल रेट पर ही होगी।
सेक्टर रेट और बाजार भाव को कम करने के लिए बढ़ोतरी
एआईजी स्टांप जीपी सिंह ने बताया कि नए सर्किल रेट में सेक्टर रेट और बाजार भाव के बीच की खाई को कम करने के लिए 5 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
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उन्होंने बताया कि सर्किल रेट सूची तैयार किए जाने के बाद जनता से इस पर आपत्तियां मांगी गईं थी। जनता की ओर से कुछ आपत्तियां मिलने पर प्रस्तावित सर्किल रेट सूची में कुछ बदलाव करके उसे अंतिम रूप दिया गया। डीएम विमल कुमार शर्मा ने प्रस्तावित सूची को हरी झंडी दे दी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बाद औद्योगिक क्षेत्रों के सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे क्षेत्रों में पुराने सर्किल रेट ही मान्य होंगे।
और महंगा हुआ आरडीसी
आरडीसी में व्यावसायिक प्रतिष्ठान खरीदने के लिए अब और भी ज्यादा स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। हापुड़ रोड से लेकर हिंट चौक तक सड़क के दोनों ओर व्यावसायिक भूखंड के सर्किल रेट 1.40 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दिया गया है। जनपद गाजियाबाद के सर्किल रेट में यह सबसे महंगा है।
मोहन नगर चौक से यूपी गेट तक जीटी रोड के किनारे की भूमि का सर्किल रेट भी अब 60000 हजार रुपये कर दिया गया है। लैंडक्राफ्ट, गोल्फ लिंक, तनुश्री और आशियाना का सर्किल रेट 24000 हजार कर दिया गया है। जबकि हाईटेक सिटी का सर्किल रेट 14000 हजार रखा गया है।
छिजारसी-कनावनी जल्द होंगे गाजियाबाद में
छिजारसी-कनावनी व उसकी जमीन पर बसे अहिंसा खंड दो के जल्द ही गाजियाबाद पुलिस के कार्य क्षेत्र में आने की संभावना है।
डीएम विमल कुमार द्वारा भेजे रिमाइंडर के बाद अब मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह ने भी इस पर मुहर लगा दी है। अंतिम फैसला शासन लेगा। कनावनी का यहां शामिल होना इसलिए भी तय है कि राजस्व परिषद ने ही इस मामले में मंडलायुक्त से रिपोर्ट मांगी थी।