दो असलहे 13 गोलियां और बिछ गईं ममेरे-फुफेरे भाइयों की लाशें, दोस्त ही बने दुश्मन
- विक्रम सिंह की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, लगाए गंभीर आरोप
- वैशाली में मेहंदी रस्म के दौरान हुए झगड़े में गोली मारकर दो युवकों की हत्या का मामला
- पांच युवक एक ही कार में आए थे एंब्रोसिया पैलेस, डबल मर्डर कर फरार हुए तीन आरोपी
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विस्तार
गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-तीन स्थित एंब्रोसिया पैलेस में शनिवार आधी रात को गोलियां बरसाकर दो युवकों की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगी है। इसमें दिख रहा है कि एक कार में पांच युवक मेहंदी रस्म में भाग लेने आए।
पार्टी में एक ही टेबल पर बैठकर साथ शराब पी व खाना खाया। इसके बाद बैंक्वेट हॉल के बाहर विवाद होने पर दो युवकों की हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दो असलहों से करीब 13 गोलियां चलाई गईं। दोनों मृतक ममेरे-फुफेरे भाई थे। परिजनों की तहरीर पर इंदिरापुरम पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
गौतमबुद्धनगर के गांव खेड़ा धर्मपुरा बादलपुर निवासी विक्रम के पिता छतर सिंह ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे उनका बेटा विक्रम सिंह (36) अपने ममेरे भाई आनंद (36) निवासी ग्राम धडौती गुर्जर बस्ती, दिल्ली के साथ अपनी इनोवा से वैशाली सेक्टर-तीन स्थित एंब्रोसिया पैलेस में अजय यादव की मेंहदी की रस्म में शामिल होने आए थे।
मनोज यादव उर्फ फौजी निवासी निठारी थाना मुरादनगर, धीरज निवासी पटेल नगर गाजियाबाद और सुनील यादव निवासी पंचशील कॉलोनी गौतमबुद्ध नगर भी विक्रम के साथ इनोवा में आए थे। पार्टी में से घर ले जाने के लिए आनंद ने अपने बड़े भाई प्रदीप को बुलाया था।
तीन लोग विक्रम व मनोज पर दाग रहे थे गोलियां
प्रदीप रात करीब 11 बजे दो लोगों के साथ आनंद को लेने एंब्रोसिया पैलेस पहुंचे। इस दौरान मनोज यादव उर्फ फौजी, सुनील यादव व धीरज विक्रम और आनंद पर गोलियां दाग रहे थे। प्रदीप सिंह व उनके साथ आए दो लोगों ने तीनों आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे फरार हो गए। छतर सिंह के मुताबिक आरोपियों ने पुरानी रंजिश में हत्या की है। उनकी शिकायत पर तीनों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया। परिजनों के मुताबिक आनंद दिल्ली में केबल और विक्रम नोएडा में फर्नीचर का व्यापार करता था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।
विक्रम पर गोली चला रहा था धीरज
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में धीरज विक्रम पर गोलियां बरसाता कैद हुआ है। वहीं, आनंद को किसने गोलियां मारीं यह अभी पता नहीं लग सका है। इसके अलावा दोहरे हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया गया, यह वजह भी अभी पुलिस के सामने नहीं आ सकी है। हालांकि, पुलिस संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रही है।
विक्रम को पिस्टल निकालने का मौका भी नहीं मिला
परिजनों के मुताबिक विक्रम के पास लाइसेंसी पिस्टल थी। गोलीबारी शुरू होने पर उसे इतना भी मौका नहीं मिल सका कि वह अपनी पिस्टल निकाल सके। विक्रम व आनंद की हत्या कर आरोपी पैदल ही फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को एमएमजी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि इसमें आठ गोलियां आनंद को और चार से पांच गोलियां विक्रम को लगी हैं।
फायरिंग होते ही मौके से भागे गार्ड और वेटर
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को टीमें गठित, कई हिरासत में
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियो की गिरफ्तारी के लिए थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। टीमें सभी संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। एसएसपी का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या अधिक शराब पीने के बाद हुए विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। साथ ही कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा।
पांच युवक एक साथ मेहंदी कार्यक्रम में आए थे। झगड़ा होने पर दो युवकों की हत्या कर दी गई। फरार हुए तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। - सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी गाजियाबाद।
दोस्त ही बन गए जान के दुश्मन
जिस थाली में खाया, उसी में छेद कर दिया। दोस्त ही जान के दुश्मन बन गए। नई गाड़ी में अपने दुश्मनों को लेकर गया था। विक्रम सिंह (35) की पत्नी अनीता और मां उर्मिला बार-बार यही कहकर रोए जा रही थीं। दोनों का हाल बेहाल था। रविवार को विक्रम का अंतिम संस्कार गांव धर्मपुरा खेड़ा में कर दिया गया।
इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वैशाली सेक्टर तीन में शनिवार आधी रात को क्लाउड-9 सोसायटी के सामने दोस्त ने ही पिस्तौल से विक्रम और आनंद की हत्या कर दी। गांववासी बताते हैं कि कोतवाली बादलपुर क्षेत्र के गांव धर्मपुरा खेड़ा निवासी विक्रम सिंह पुत्र छतरपाल सिंह पिछले दस साल से ग्रेटर नोएडा में स्वर्ण नगरी के पास एक सोसायटी में रहता था।
नोएडा के सेक्टर-63 में फर्नीचर का काम है। विक्रम की मनोज यादव उर्फ फौजी व सुनील यादव उर्फ लालू से दोस्ती थी। सुनील यादव भी फर्नीचर का कारोबारी है।
मनोज यादव उर्फ फौजी के रिश्तेदार के यहां इंदिरापुरम के एंडरौल पैलेस में मेंहदी की रस्म थी। उसमें शामिल होने के लिए विक्रम सिंह, आनंद, मनोज फौजी, सुनील याव और धीरज एक साथ ही विक्रम की इनोवा में गए थे।
विक्रम ने करीब एक महीने पहले ही नई इनोवा ली थी। गांववासी बताते हैं कि पांचों गहरे दोस्त हैं। लेकिन शनिवार रात को साथी द्वारा विक्रम सिंह व ममेरे भाई आनंद को गोली मारकर हत्या की जानकारी मिलने से धर्मपुरा खेड़ा वासी सकते में हैं। विक्रम का बेटा दीपांशु (12) और बेटी मोना (14) हैं।