कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा को हो सकती है जेल, 5 के बदले 10 करोड़ देने का किया था दावा
गाजियाबाद में पांच करोड़ की ठगी के मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद मशहूर कोरियोग्राफर व फिल्म निर्माता रेमो डिसूजा ने गिरफ्तारी से बचने को जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक रेमो ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी डाली है। वहीं, मुंबई जाकर रेमो को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस आईजी से अनुमति मिलने का इंतजार कर रही है।
क्या है पूरा मामला
उक्त मामले में गांव मोरटी निवासी सतेंद्र त्यागी ने वर्ष 2016 में सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था कि कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा के साथ उनके पारिवारिक संबंध थे।
रेमो ने एक बड़ी फिल्म बनाने की बात कहते हुए उन्हें मोटे मुनाफे का झांसा दिया। जिसके बाद उन्होंने 2013 में रेमो की फिल्म 'अमर...मस्ट डाई' में 5 करोड़ रुपये लगा दिए। उक्त फिल्म में जरीन खान व राजीव खंडेलवाल मुख्य भूमिका में थे।
रेमो ने एक साल में 5 के 10 करोड़ लौटाने का वादा किया था, लेकिन एक पैसा नहीं लौटाया। पीड़ित का आरोप है कि 13 दिसंबर 2016 की रात रेमो ने उन्हें अंडरवर्ल्ड से धमकी भी दिलाई।
मामले की सुनवाई गाजियाबाद जिला अदालत में एसीजेएम अष्टम के यहां चल रही है। कोर्ट ने गत 23 सितंबर को रेमो डिसूजा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
सिहानी गेट एसएचओ उमेश बहादुर सिंह का कहना है कि रेमो मुंबई में रहता है। लिहाजा उसे गिरफ्तार करने के लिए मुंबई जाने के लिए आईजी से अनुमति मांगी गई थी। अभी अनुमति नहीं मिल पाई है।
मामले की जांच कर रहे एसएसआई अशोक उपाध्याय ने बताया कि गत 4 नवंबर को रेमो डिसूजा ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिस पर अदालत से पुलिस ने आरोपी की रिमांड मांगी है। विवेचक का कहना है कि पुलिस रेमो की अग्रिम जमानत का पुरजोर विरोध करेगी।