फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ghaziabad car accident Case, woman sacrificed her life to saved two children

गाजियाबाद: नाले में कार गिरने का मामला, दो बच्चों को बचाने में गई थी महिला की जान

Wed, 30 Jan 2019 08:11 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Priyesh Mishra Updated Wed, 30 Jan 2019 08:11 AM IST
विज्ञापन
Ghaziabad car accident Case, woman sacrificed her life to saved two children
प्रतीकात्मक चित्र
सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास सोमवार रात कार नाले में गिरने के मामले में में महिला की जान दो बच्चों को बचाने के चक्कर में गई। महिला ने हिम्मत और हौसला दिखाते हुए कार का शीशा तोड़ा और दो बच्चों (एक बच्चा महिला का बेटा है) को बाहर निकाला। जब खुद बाहर निकलने लगी तो वह दलदल में फंस गईं। बच्चों को नई जिंदगी देने वाली महिला अपनी जिंदगी हार गई। हादसे में जान गंवाने वाले दो मृतकों का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन


गौरतलब है कि सोमवार रात कविनगर कोतवाली क्षेत्र की गगन एंक्लेव निवासी लक्ष्मी अग्रवाल (40 वर्ष) पत्नी संदीप अग्रवाल अपने बेटे रसित अग्रवाल के दोस्त के यहां क्रासिंग रिपब्लिक में बर्थ-डे पार्टी में गई थीं। वह अपने साथ अपने जेठ के लड़के दीपांशु अग्रवाल, रसित अग्रवाल व दीपांशु के दोस्त ऋषभ जैन (19 वर्ष) पुत्र आशीष जैन को लेकर कार से गई थीं। पार्टी से लौटने के दौरान रात में लालकुआं के पास सिविल लाइन चौकी के सामने कार बड़े नाले में जा गिरी। नाला गहरा होने के कारण कार पानी में डूबने लगी।
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने कार का शीशा तोड़कर रसित और एक अन्य बच्चे को बाहर निकाल दिया। जब वह खुद बाहर निकलने लगी तो दलदल में फंस गई। ऋषभ ने भी कार से निकलने का प्रयास किया, लेकिन वह भी नहीं निकल सका। जब तक लोग कार को निकाल पाते तब तक ऋषभ और लक्ष्मी की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रसित, दीपांशु व एक अन्य महिला व बच्चे का निकालकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां महिला और एक बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। जबकि रसित और दीपांशु को बाद में छुट्टी दी गई। कविनगर कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि महिला अगर बच्चों को नहीं बचाती तो वह बच सकती थी, लेकिन बच्चों को बचाने के प्रयास में उसकी जान चली गई। 


कार में दी थी लिफ्ट
लक्ष्मी ने कार से दो बच्चों को बाहर निकाला। इनमें एक उनका सात साल का खुद का बेटा रसित अग्रवाल और दूसरा एक अन्य बच्चा था। पार्टी से लौटने के दौरान इस बच्चे और उसकी मां को कार में लिफ्ट दी थी। लक्ष्मी ने जितनी परवाह अपने बच्ची की उतनी ही दूसरी बच्चे की भी की।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed