{"_id":"5d0b28eb8ebc3e5a3975b4ec","slug":"ghaziabad-becomes-centre-of-tax-evasion","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाजियाबाद बना टैक्स चोरी का बड़ा अड्डा, एक साल में पकड़ी गई पांच हजार करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजियाबाद बना टैक्स चोरी का बड़ा अड्डा, एक साल में पकड़ी गई पांच हजार करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी
Thu, 20 Jun 2019 12:04 PM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: Abhishek Singh
Updated Thu, 20 Jun 2019 12:04 PM IST
विज्ञापन
ट्रैक्स
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी की आड़ में टैक्स चोरी और फर्जी फर्म खड़ी करने का धंधा जिले में जमकर फलफूल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों के रिपोर्ट कार्ड पर नजर डाले तो बीते एक वर्ष के दौरान करीब पांच हजार करोड़ की टैक्स चोरी के मामले पकड़े गए है। इसमें दो हजार करोड़ की टैक्स चोरी आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने पकड़ा है। शेष राज्य और केंद्र जीएसटी विभाग की तरफ से पकड़े गए हैं।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीएसटीआई) विभाग ने भी 200 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। उधर, चुनाव खत्म होने के बाद फर्जी फर्मों के खिलाफ अभियान शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में कई बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
विज्ञापन
केंद्र और राज्य सरकार से जुड़ी एजेंसियों की जांच में अभी तक 1100 से अधिक फर्जी फर्म पकड़ी जा चुकी है और करीब दो हजार फर्मों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। इनमें सबसे अधिक फर्म सेंट्रल जीएसटी विभाग और डीजीजीएसटीआई के पास है।
विज्ञापन
राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जीएसटी चोरी के मामलों में प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके बाद दोनों ही एजेंसी बोगस (फर्जी) फर्मों से जुड़ी जांच तेज कर दी है।
सूत्र बताते हैं कि 50 से अधिक मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। बस अब फर्मों को संचालित कर रहे लोगों की गिरफ्तारी की तैयारी है। इनमें अधिकांश फर्म लोहा, ट्रांसफार्मर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने के नाम पर पंजीकृत कराई गई। इन्हीं फर्मों के नाम पर फर्जी तरीके से कई सौ करोड़ों रुपये के बिल काट कर टर्नओवर दिखाया गया।
उधर, राज्य जीएसटी विभाग स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) ने भी अब बोगस फर्मों से जुड़ी जांच तेजी से शुरू कर दी है। बीते एक वर्ष में एसआईबी ने 100 से अधिक बोगस फर्म पकड़ी हैं। इनमें से करीब 25 के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही 50 से अधिक बोगस फर्मों की जांच अब अंतिम दौर में है, जिन पर जल्द कार्रवाई संभव है।
आयकर विभाग की नजर भी बोगस फर्मों पर
टैक्स चोरी के मामले पकड़े जाने के बाद आयकर विभाग की नजर भी बोगस फर्मों पर है। आयकर विभाग ने भी दो हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा मामला बीते दिनों पकड़ा था, जिसमें शहर से जुड़े कई लोहा कारोबारियों ने बोगस फर्म बनाई और उनके नाम पर बिल काटकर सरकार को करोड़ों रुपया का चूना लगा दिया। इसमें एक उद्यमी ने 10 हजार रुपये की पगार पाने वाले नौकर के नाम पर फर्म बनाकर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर कर लिया।
इस मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें शहर के कई बड़े उद्यमी भी फंस रहे हैं। इसी जांच में कई अन्य कंपनियां भी फंसी है, जिनके जरिए आयकर विभाग को बड़ी धनराशि मिलने की संभावना है। इसलिए विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।