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गार्गी कॉलेज मामला: डीयू ने कहा- पारदर्शी निगरानी तंत्र भी बनाएं कॉलेज, दो हफ्ते में दें रिपोर्ट
Wed, 12 Feb 2020 09:13 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 12 Feb 2020 09:13 PM IST
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गार्गी कॉलेज
- फोटो : Amar Ujala
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गार्गी कॉलेज के फेस्ट में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय ने सख्त रवैया अपनाया है। डीयू प्रशासन ने कॉलेजों को अपने यहां महिला सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही छात्राओं की सुरक्षा कड़ी करने के लिए योजना तैयार करने और पारदर्शी निगरानी तंत्र बनाने को कहा है। डीयू प्रशासन ने कॉलेजों से इस दिशा में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट दो हफ्ते के भीतर देने को कहा है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए कॉलेजों को सेफ्टी एडवाइजरी भी भेजी गई है।
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डीयू प्रॉक्टर नीता सहगल की ओर से सभी कॉलेज प्राचार्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि महिला कर्मचारियों व छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कॉलेजों की है। गार्गी कॉलेज में छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना की निंदा करते हुए कहा गया है कि कॉलेजों को महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। इसके लिए कॉलेज प्रशासन विभिन्न हितधारकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों व सामाजिक संगठनों से परामर्श कर सुरक्षा को मजबूत करने की योजना तैयार करें। कॉलेजों को एक पारदर्शी निगरानी तंत्र के साथ पारदर्शी तरीके से इन योजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
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डीयू ने कॉलेज प्रिंसिपल से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
दिल्ली विश्वविद्यालय ने गार्गी कॉलेज की छात्राओं से छेड़छाड़ के खिलाफ लड़ाई मेें समर्थन दिया है। डीयू प्रशासन ने कहा है कि वह असामाजिक तत्वों द्वारा उत्पीड़न के खिलाफ छात्राओं की लड़ाई में उनके साथ खड़ा है। इस घटना की निंदा करते हुए डीयू प्रशासन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा है। इसके साथ ही प्रशासन ने कॉलेज प्राचार्य से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
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बुधवार को डीयू अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रत्येक कॉलेज के गेट पर 24 घंटे पुलिस कर्मी तैनात करने का आग्रह किया। पुलिस उपायुक्त (उत्तरी जिला) के साथ हुई बैठक में पुलिस से इस घटना में तत्काल जरूरी कदम उठाने के लिए कहा। उल्लेखनीय है कि बीते 15 जनवरी को महिला सुरक्षा के मद्देनजर एक कमेटी का गठन भी किया था। डीयू प्रॉक्टर प्रो नीता सहगल को इस कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है।
कॉलेज में छात्राओं का प्रदर्शन जारी
कॉलेज फेस्ट में छेड़छाड़ के खिलाफ छात्राओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के बाद से छात्राएं कक्षाएं छोड़कर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। कॉलेज की ओर से घटना की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी 15 फरवरी को अपनी रिपोर्ट देगी। बुधवार से कमेटी ने अपना काम करना शुरू कर दिया। इसके बावजूद छात्राएं प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को भी छात्राओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मांगे दोहराईं। प्रदर्शन के दौरान बैनर के माध्यम से छात्राओं ने घटना पर अपना रोष जताया। इसके साथ ही प्रिंसिपल से इस घटना पर जवाब देने को कहा।
छात्राओं का कहना है कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बात को तो मान लिया गया है लेकिन अन्य मांगों को नहीं माना गया है। प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है। छात्राओं का कहना है कि घटना को लेकर दिए जा रहे प्रिंसिपल के बयान हैरान करने वाले हैं। वह लिखित रुप से इन बयानों को वापस लें। छात्राओं का कहना है कि पहले भी उन्हें बोलने से रोका जाता रहा है। छात्राएं फेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी फैसला लेने की बात कर रही हैं।