गार्डन ऑफ फाइव सेंसिजः नहीं देखी होगी ऐसी नेचुरल ब्यूटी

अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 27 Jan 2014 01:35 PM IST
Attainment of bliss in the the garden of five senses
दि गार्डन ऑफ फाइव सेंसिज महज एक पार्क नहीं है। यह वह स्थान है, जहां आने के बाद मन खुद-ब-खुद सृजनात्मक हो जाता है। दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम ने इसे एक परियोजना के तहत तैयार कराया था।

वह इसे ऐसे स्थान के तरह विकसित कराना चाहते थे, जिससे सामाजिक जागरुकता आ सके। शहर में एक जीवंतता पैदा हो सके, जिससे वातावरण में शांति आए।

सैयद-उल-अजैब गांव में स्थित इस बीस एकड़ वाले दर्शनीय स्थान को बेपरवाह चट्टानों से बनाया गया है। नई दिल्ली में महरौली हेरिटेज क्षेत्र के समीप बसे इस गार्डन का उद्घाटन फरवरी-2003 में हुआ था।

स्लेट से बने खंबों के ऊपर स्टील से बने उड़ान भरते पक्षी पार्क में आपका स्वागत करते हैं। प्राकृतिक ढाल पर बना घुमावदार रास्तों वाला एक बड़ा बाजार लोगों के आकर्षण का कारण है। इसके आगे पत्थर से काटकर बनाए गए पानी में नहाते मंत्रमुग्ध करने वाला हाथियों का एक झुण्ड, खोजयात्रा पूरी होने जैसा है।

इस गार्डन को विशिष्ट क्षेत्रों में बांटा गया है। घुमावदार रास्ते के एक ओर स्थित खास बाग, मुगल गार्डन की तर्ज पर विकसित किया गया है। इस बाग की लंबाई वाले क्षेत्र में वाटर-चैनलों में धीमी गति से चलते फव्वारे हैं, रास्तों पर खुश्बूदार फूलों वाली झाड़ियां और पेड़ माहौल को खुशनुमा बना देते हैं।

मध्य भाग में फव्वारों की एक पूरी श्रंखला है, जो फाइबर-ऑप्टिक लाइटिंग सिस्टम से प्रकाशित होते हैं। यहीं एक 'फाउंटेन ट्री" है, जो वास्तुकला की शानदार प्रतीक है। गार्डन के केन्द्र से दूर बने रास्तों के एक ओर एकांत में फूड और शॉपिंग कोर्ट बना है। फूड कोर्ट के सामने छतों की पूरी श्रंखला है जहां बैठने की व्यवस्था है।

मादक सुंगध वाला रास्ता उत्तर की ओर एक चट्टानी श्रेणी तक ले जाता है। यहां चट्टानों के बीच पिन-व्हील से प्रेरित होकर स्टील से बनी एक प्रतिमा आनंद में झूमती नजर आती है। नील बाग की ओर नीचे टेड़े-मेड़े रास्तों पर बहता पानी, लिली के पुष्पों वाला एक तालाब मंडपों से घिरा है। इनमें अलग-अलग रंगों और डिजाइनों वाले ऊंचे उठते पौधे मन मोह लेते हैं।

ऊपर की ओर वायु के वेग से फुसफुसाती, सिरामिक से बनी सैंकड़ों घण्टियां, आपको अपनी शांत सी ध्वनि का अहसास कराती प्रतीत होती हैं। प्राकृतिक ढालों से बीचों-बीच एम्फीथियेटर बनाया गया है। गार्डन के पिछले हिस्से में एक खुला प्रदर्शनी क्षेत्र है जहां कला के प्रदर्शन तथा आर्ट वर्कशॉप के लिए व्यवस्था की गई है।

इस गार्डन के डिजाइन के अनुसार इसका काल्पनिक नाम गार्डन ऑफ फाइव सेंसिज रखा गया है। रंग, सुगंध, संरचना और रूप सभी कुछ सिमटकर एक फूलों के गुलदस्ते के समान लगता है, जो जीवन की सुंदरता का अहसास करता है और ध्वनि, स्वाद, दृष्टि, स्पर्श और गंध के बारे में एक महान अनुभूति देता है।

यहां प्रकृति के साथ वॉक करने का मिलेगा मौका
यह गार्डन रंग, सुगंध, संरचना और रूप के मेल से बने मनुष्य के जीवन की सुंदरता का अहसास करता है। यह ध्वनि, स्वाद, दृष्टि, स्पर्श और गंध के बारे में अनुभूति देता है। गार्डन में लगभग 25 विभिन्न प्रतिमाएं और भित्ति-चित्र हैं जो देश में लोक कला के सबसे बड़े संग्रहों में से एक है।

संक्षिप्त जानकारी
महरौली-बदरपुर रोड पर स्थित,
फोन: 29536401, 65651083
नजदीकी मेट्रो स्टेशन: साकेत
खुलने का समय:
अप्रैल से सितंबर- सुबह 9 से शाम 7 बजे तक
अक्तूबर से मार्च-सुबह 9 से शाम 6 बजे तक
प्रवेश शुल्क:
व्यस्क- 20 रुपये
बच्चे (12 वर्ष तक)-10 रुपये
वरिष्ठ नागरिक- 10 रुपये
विकलांगः निःशुल्क

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