गुरुग्राम में खड़ा है ‘कूड़े के परमाणु बम’ का पहाड़, नगर निगम के लिए चुनौती
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दिल्ली की तरह गुरुग्राम भी कूड़े के परमाणु बम पर बैठा हुआ है। कचरा निस्तारण के माकूल बंदोबस्त नहीं होने के कारण गुरुग्राम में कूड़े का ढेर लगता जा रहा है। बंधवाड़ी में अब कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है, जिसका निस्तारण करना गुरुग्राम प्रशासन व नगर निगम के लिए चुनौती बन चुका है।
बता दें कि दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन के उदासीन रवैये पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था कि पूरी दिल्ली कूड़े के परमाणु बम पर बैठी है। कूड़ा प्रबंधन को लेकर गुरुग्राम में भी हालात खस्ता हैं। यहां भी कचरे के पहाड़ फटने जैसे हालात हैं। गुरुग्राम के बंधवाड़ी गांव स्थित कचरा प्लांट बंद हुए तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यहां कूड़ा फेंका जाता है। इसका निस्तारण नहीं होने के कारण कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है।
अब भी यहां रोजाना करीब 1600 टन कूड़ा गुरुग्राम व फरीदाबाद से आता है। रोजाना बढ़ रहे कूड़े के पहाड़ों से नजदीकी गांव के लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जबकि बंधवाड़ी स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में इस समय करीब 25 लाख टन पुराना कचरा पड़ा हुआ है।
बता दें कि कचरे के निस्तारण के लिए सरकार ने इको ग्रीन कंपनी को वर्ष 2017 से ठेका दिया हुआ है, लेकिन कंपनी ने अभी तक कूड़े के निस्तारण का काम शुरू नहीं किया है। प्लांट में रोजाना गुरुग्राम से 850 टन कचरा लाया जा रहा है। वहीं फरीदाबाद से 750 टन कचरा प्लांट में लाया जा रहा है।
अंकित अग्रवाल, सीईओ, इको ग्रीन कंपनी, गुरुग्राम ने बताया कि, कचरा निस्तारण करने में करीब डेढ़ से दो वर्ष का समय लग जाएगा लेकिन कचरे को ज्यादा ऊपर नहीं किया जा रहा है। मशीनों से कचरे को सही तरीके से लगाया जाता है। कचरे के ढेर में गैस नहीं बने इसके लिए कचरे के ढेर के बीच में आसमान की ओर से पाइप लगाया गया है, जिस कारण कचरे में किसी प्रकार की गैस नहीं बनती।