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Delhi: गैंगस्टर बवानिया के नाम पर पूर्व मालिक से मांग रहा था 50 लाख की रंगदारी, पुलिस ने आरोपी को ऐसे दबोचा
Mon, 27 Mar 2023 07:46 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 27 Mar 2023 07:46 PM IST
सार
निर्माण फर्म के मालिक बहादुर सिंह रावत से 50 लाख रुपये की रंगदारी का मामला ख्याला थाने में 21 मार्च को दर्ज किया गया था। रंगदारी के लिए जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवानिया के नाम इस्तेमाल किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
एक निर्माण फर्म का पूर्व कर्मचारी फर्म मालिक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। उसने रंगदारी वसूलने के लिए दिल्ली के टॉप-10 गैंगस्टर में शुमार व जेल में बंद नीरज बवानिया के नाम इस्तेमाल किया। आरोपी दिनेश कुमार शाह फर्म मालिक बहादुर सिंह रावत से रंगदारी वसूलने में कामयाब हो पाता उससे पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिनेश कुमार शाह को उसके साथी किशोर के साथ तीन दिन में ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दिनेश शाह ने बहादुर सिंह के यहां से नौकरी छोड़कर निर्माण फर्म शुरू की थी। इस फर्म में उसे भारी घाटा हो गया था। घाटे की भरपाई के लिए उसने साथी के साथ रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी।
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निर्माण फर्म के मालिक बहादुर सिंह रावत से 50 लाख रुपये की रंगदारी का मामला ख्याला थाने में 21 मार्च को दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच 24 मार्च को स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दी थी। एसीपी संजय दत्त की देखरेख में इंस्पेक्टर अनुज कुमार त्यागी, एसआई देव कुमार, एसआई राजेश कुमार, एसआई सुनील कुमार व महिला एसआई प्रीति की टीम ने जांच शुरू की। करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद एसआई देव कुमार को उस स्कूटी का नंबर मिल गया, जिससे पर आरोपी रंगदारी की चिट्ठी देने आए थे। जांच के बाद एसआई देव कुमार की टीम ने आरोपी किशोर (28) को 24 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद मास्टरमाइंड दिनेश कुमार शाह को पीरागढ़ी से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि बहादुर सिंह रावत एलिक्सिर इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज नामकएमसीबी निर्माण फर्म के मालिक है। आरोपी दिनेश कुमार साह ने करीब 10 वर्ष पहले बहादुर सिंह के यहां से नौकरी छोड़कर एसएएच एंटरप्राइजेज के नाम से फर्म शुरू की। उसने छोटी सी बात पर नौकरी छोड़ दी थी। इस व्यवसाय में दिनेश कुमार को भारी घाटा हो गया। वहीं बहादुर का व्यवसाय उसी समय फल-फूल रहा था। दुश्मनी और लालच के तहत, दिनेश ने बहादुर सिंह रावत से धमकी देने और पैसे निकालने के लिए अपने मजदूर किशोर के साथ साजिश रची।
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फैक्टरी में मजदूर को धमकी भरी चिट्ठी देकर आए थे
पुलिस को पूछताछ के बाद पता लगा कि मंगोलपुरी के रहने वाले किशोर ने दिनेश को सुझाव दिया कि वह पैसे ऐंठने के लिए गैंगस्टर नीरज बवाना का नाम इस्तेमाल करे। गैंगस्टर नीरज बवाना इसी जगह का है। आरोपी दिनेश के कहने पर किशोर ने बहादुर को धमकी भरा पत्र लिखकर रुपये की मांग की। दोनों आरोपी बहादुर को देने के लिए कारखाने के एक कर्मचारी को धमकी भरा पत्र देकर आए थे।