Delhi: 600 से ज्यादा केटीएम जैसी महंगी बाइकें चुराने वाले गिरोह का खुलासा, ट्रेन से भेज देते थे दूसरे राज्य
आरोपियों का वाहन चुराने का तरीका भी खास था। ये कैप लगाकर दोपहिया वाहन चुराते थे। दक्षिण-पश्चिमी जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते(एएटीएस) ने तीनों आरोपियों अब्दुल गफ्फार, इताश खान और अलीगढ़, यूपी निवासी वीरपाल को करीब 15 किलोमीटर तक पीछा कर गिरफ्तार किया है।
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पूर्वोत्तर राज्यों के दो वाहन चोर अलीगढ़ के एक बदमाश के साथ दिल्ली, एनसीआर व यूपी से दोपहिया वाहन चुराने में लगे हुए थे। ये दिल्ली-एनसीआर से केटीएम व रॉयल एनफील्ड जैसी महंगे दोपहिया चुराते थे और उन्हें मणिपुर समेत अन्य आसपास के राज्यों में बेच देते थे। आरोपियों का वाहन चुराने का तरीका भी खास था। ये कैप लगाकर दोपहिया वाहन चुराते थे। दक्षिण-पश्चिमी जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते(एएटीएस) ने तीनों आरोपियों अब्दुल गफ्फार, इताश खान और अलीगढ़, यूपी निवासी वीरपाल को करीब 15 किलोमीटर तक पीछा कर गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से से चोरी की केटीएम व रॉयल एनफील्ड समेत 20 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। ये लोग अब तक 600 से अधिक वाहन चुरा चुके हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त मनोज सी के अनुसार एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर गौतम मलिक की देखरेख में पुलिस टीम जिले में बढ़ रही वाहन चोरी की वारदातों पर कम करने के लिए वाहन चोरों पर नजर रखे हुए थी। एसआई महेश कुमार को सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक बात अजीब लगी कि वाहन चोरों ने वाहन चुराते समय टोपी लगा रखी थी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के मूल निवासी लगते थे। पुलिस टीम को 13 अक्तूबर को वाहन चोरों के बारे में सूचना मिली थी।
एसआई महेश कुमार व एसआई संजीव बालियान की टीम ने सागरपुर इलाके में घेराबंदी कर ग्राम- कुंजी नंगला, थाना- गोंडा, तह- इगलास, जिला- अलीगढ, उत्तर प्रदेश निवासी वीरपाल पुत्र मिहिलाल को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दो आरोपी अब्दुल गफ्फार और इताश खान चोरी की रॉयल एनफील्ड मोटर साइकिल पर भागने में सफल रहे।
पुलिस टीम ने करीब 15 किलोमीटर से अधिक का पीछा करने के बाद दोनों को दबोच लिया। इनके कब्जे से अलग-अलग रंग और बनावट की 12 टोपियां बरामद की गईं, जो आरोपियों ने अपना चेहरा छिपाने के लिए अपराध करते समय पहनी थीं। इसके अलावा एलएंडटी आकार, रिंच, कटर, हेलमेट और बैग भी बरामद किए गए। आरोपियों ने ये टोपियां मणिपुर व अन्य राज्यों से खरीदी थीं।
ट्रेन से बुक कराकर भेजते थे बाइकें
आरोपी वाहन चोरों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह दिल्ली, एनसीआर व यूपी से वाहन चुराकर एक जगह छिपा देते थे। इसके बाद ये ट्रेन से बुकिंग कराकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में भेजते थे। कुछ समय बाद इनका एक साथ बड़ी संख्या में माल पकड़ा गया। इसके बाद इन्होंने ट्रेन से चोरी के दोपहिया वाहनों को उत्तर-पूर्वी राज्यों में भेजना बंद कर दिया। आरोपी इसके बाद चोरी के दोपहिया वाहनों को ट्रक से भेजने लगे।
मणिपुर समेत पहाड़ी राज्यों में है जबर्दस्त डिमांड
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मणिपुर व अन्य राज्य पहाड़ी इलाकों में पावरफुल बाइक की जरूरत होती है। ऐसे में केटीएम व रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों की ज्यादा डिमांड रहती है। ये उत्तर-पूर्वी राज्यों से चोरी की गई महंगी से महंगी मोटरसाइकिल को 45 से 50 हजार रुपये में बेचते थे।
तिहाड़ जेल में हुई थी वीरपाल की मुलाकात
अलीगढ़ निवासी अभियुक्त वीरपाल पुत्र मिहीलाल की मुलाकात तिहाड़ जेल में अब्दुल गफ्फार से हुई थी। वह हाल ही में जेल से रिहा हुआ है। वीरपाल पहले गैंगस्टर एक्ट और कई अन्य मामलों में शामिल था। ये वर्तमान में पीएस-लोधा, अलीगढ़, यूपी में एक मामले में वांछित था। आरोपी अब्दुल गफ्फार में 2018 में दिल्ली आया था। वह रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल का शौकीन है और हमेशा नई रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलें चुराने की कोशिश करता है। उसके खिलाफ वाहन चोरी के 24 मामले दर्ज हैं। आरोपी इताश खान अब्दुल गफ्फार का परिचित है।