गणेश चतुर्थी: दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर नहीं हो सकेगा आयोजन, डीडीएमए की सलाह घर पर ही मनाएं त्योहार
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए डीडीएमए ने फैसला किया है कि दिल्ली में किसी भी तरह के सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल व शैक्षिक कार्यक्रम का सार्वजनिक तौर पर आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
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गणेश चतुर्थी आयोजन को लेकर दिल्ली आपदा प्रबंधन समिति (डीडीएमए) ने गाइडलाइन जारी कर दी है। डीडीएमए ने अपने आदेश में कहा है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर गणेश चतुर्थी की पूजा नहीं की जा सकेगी। लोगों को सुझाव दिया गया है कि वह अपने घर पर ही त्योहार मनाएं। महोत्सव में पंडाल की अमुमति नहीं है।
Delhi Disaster Management Authority (DDMA) says Ganesh Chaturthi celebrations will not be allowed at public places in the national capital in view of COVID-19; advises people to celebrate the festival at home pic.twitter.com/94gOpKybAw
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— ANI (@ANI) September 8, 2021
डीडीएमए द्वारा जारी आदेश संख्या 463 में कहा गया है कि दिल्ली में सभी तरह सामाजिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक और त्योहार से जुड़े कार्यक्रमों में भीड़ जुटाना और उनका सामाजिक आयोजन करना मना है। इसके साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल पर दर्शन करने की भी इजाजत नहीं है। पंडाल में मूर्ति स्थापना पर भी रोक रहेगी।
आदेश में कहा गया कि इस महीने में गणेश चतुर्थी भी पड़ेगी ऐसे में कोविड-19 के खतरे को देखते हुए सभी तरह के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। किसी एक जगह भीड़ नहीं जुटाई जा सकेगी। गणेश चतुर्थी का आयोजन सार्वजनिक स्थान पर नहीं किया जा सकेगा। लोग चाहें तो अपने घरों में यह त्योहार मना सकते हैं।
डीडीएमए ने अपने आदेश में इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी दिल्ली के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, डिप्टी कमिश्नरों और संबंधित प्राधिकरणों को दी है। इन लोगों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शहर में कोई भी पंडाल, टेंट आदि सार्वजनिक स्थानों पर न लगने पाएं और न ही किसी तरह की यात्रा निकालने की इजाजत ही किसी को मिले। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भीड़ इकट्ठी न हो। जो भी इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाए उसके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई हो।