BJP गुपचुप तरीके से दिल्ली को बनाएगी पूर्ण राज्य!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिलेगा? सीधे तौर पर इसका जवाब देने से भाजपा के नेता भी बच रहे हैं। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की राह पर जल्द चलना शुरू कर देगी।
इसकी शुरुआत डीडीए और दिल्ली पुलिस की कमान दिल्ली सरकार को सौंप कर की जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली में बहुनिकाय की दिक्कत दूर करने के लिए जमीन पर अधिकार रखने वाले डीडीए और वीआईपी क्षेत्र को छोड़कर बाकी दिल्ली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस भी दिल्ली सरकार को मिल सकता है।
उनका कहना है कि केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन के दौरान भी इस संबंध में घोषणा कर सकती है। बताते चलें कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए विधानसभा में पहला प्रस्ताव 29 अक्तूबर, 1953 में पास हुआ था। तब से अब तक आधा दर्जन बार विधानसभा, मेट्रोपोलिटन काउंसिल में प्रस्ताव पास हो चुका है। लेकिन दिल्ली को अब तक पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला।
हर्षवर्धन की मांग और पीएम का काम
इतना ही नहीं शपथ लेने के बाद स्वास्थ्य मंत्री व पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने भी कहा था कि वह प्रधानमंत्री से दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग करेंगे। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
इसके लिए तर्क दिया जा रहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में भी भाजपा ने पूर्ण राज्य का दर्जा शामिल किया था। अहम है कि राज्यसभा के सांसद और दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल कई बार पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का मुद्दा उठा चुके हैं।
दिल्ली विधानसभा में कब-कब पास हुआ पूर्ण राज्य का प्रस्ताव
- 29 अक्तूबर, 1953 विधानसभा में
- 12 मई, 1954 विधानसभा में
- 11 नवंबर, 1983 में मेट्रोपोलिटन काउंसिल
- 3 जून, 1988 में मेट्रोपोलिटन काउंसिल
- 26 अगस्त, 1994 विधानसभा में
- 11 सितंबर, 2002 विधानसभा में