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एनओसी के लिए घूस लेने वाले एफएसओ व फायर वेंडर गिरफ्तार
Sun, 22 Sep 2019 08:29 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 22 Sep 2019 08:29 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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अग्निशमन विभाग के ऑनलाइन सिस्टम में सेंधमारी कर एनओसी के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। एनओसी के लिए घूस लेने के आरोपी एफएसओ प्रथम कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मामले में कुलदीप को निलंबित कर कोतवाली सेक्टर-20 में उनके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। वहीं, 13 फायर वेंडरों के खिलाफ भी एफआईआर कराई गई है। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी तृतीय कर रहे हैं।
एसएसपी वैभव कृष्ण के अनुसार, तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल हुआ था। मई में बने इस ऑडियो में एफएसओ प्रथम कुलदीप कुमार पैसे के लेनदेन की बात कह रहे थे। मामले की जब जांच कराई गई तो पता चला कि कुलदीप और अरविंद के बीच बात हो रही है।
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जांच में यह बात सामने आई कि सेक्टर-48 स्थित मदरहुड हॉस्पिटल की फायर एनओसी के संबंध में दोनों में बातचीत हो रही है। इसके लिए 80 हजार रुपये एफएसओ को दिए गए थे। इसके बाद एसएसपी ने शासन से अनुमति लेकर कोतवाली सेक्टर-20 में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों मिलकर एनओसी जारी कराने का खेल कर रहे थे। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। अग्निशमन विभाग के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में अस्पताल बिल्डिंग की एनओसी के आवेदन में आवेदक का नाम आएचईए हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड है, लेकिन इस पर जो मोबाइल नंबर है। वह वेंडर अरविंद के कार्यालय में काम करने वाले अभिषेक का है और ई मेल आईडी अरविंद के ऑफिस का है।
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मामले में कुलदीप को निलंबित कर कोतवाली सेक्टर-20 में उनके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। वहीं, 13 फायर वेंडरों के खिलाफ भी एफआईआर कराई गई है। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी तृतीय कर रहे हैं।
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एसएसपी वैभव कृष्ण के अनुसार, तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल हुआ था। मई में बने इस ऑडियो में एफएसओ प्रथम कुलदीप कुमार पैसे के लेनदेन की बात कह रहे थे। मामले की जब जांच कराई गई तो पता चला कि कुलदीप और अरविंद के बीच बात हो रही है।
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जांच में यह बात सामने आई कि सेक्टर-48 स्थित मदरहुड हॉस्पिटल की फायर एनओसी के संबंध में दोनों में बातचीत हो रही है। इसके लिए 80 हजार रुपये एफएसओ को दिए गए थे। इसके बाद एसएसपी ने शासन से अनुमति लेकर कोतवाली सेक्टर-20 में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों मिलकर एनओसी जारी कराने का खेल कर रहे थे। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। अग्निशमन विभाग के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में अस्पताल बिल्डिंग की एनओसी के आवेदन में आवेदक का नाम आएचईए हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड है, लेकिन इस पर जो मोबाइल नंबर है। वह वेंडर अरविंद के कार्यालय में काम करने वाले अभिषेक का है और ई मेल आईडी अरविंद के ऑफिस का है।
ऐसे चल रहा था भ्रष्टाचार का खेल
एसएसपी ने बताया कि एफएसओ फायर वेंडर के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे थे। इसके लिए फायर वेंडर खुद व अपने सहयोगियों के नाम पर भवनों, विद्यालयों, अस्पतालों, उद्योगों के लिए एनओसी लेते थे। अग्निशमन विभाग के ऑनलाइन साइट पर जाकर एनओसी के लिए जो फॉर्म भरते थे। उसमें नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर वेंडर का होता था और एड्रेस उस संबंधित बिल्डिंग का।
पहले तो एनओसी जारी करने को लेकर बिल्डिंग मालिक से पैसे लेते थे। बाद में अग्निशमन विभाग की तरफ से बिल्डिंग के लिए जो भी अपडेट आता था वह वेंडर के नंबर व ईमेल पर आता था। फिर वेंडर अग्निशमन अधिकारी के साथ मिलकर बिल्डिंग मालिक से पैसे ऐंठता था।
450 से अधिक एनओसी का पता चला
एसएसपी के मुताबिक, पूरे प्रकरण की जांच में पता चला है कि वेंडरों ने अपने नाम पर 450 एनओसी जारी कर रखी हैं। इस मामले में 13 वेंडरों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसमें अनिल शर्मा, मनिराम डांडरियाल, देविका, देविका देसाई, जितेंद्र मोनी, जितेंद्र कुमार गौड़, एमएसपीएल, अरविंद कुमार गुप्ता, अरविंद गुप्ता, विशाल ढिंगरा, मुकेश गुप्ता, इंद्र कुमार मणि, गुरुप्रीत सिंह शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही है।
पहले तो एनओसी जारी करने को लेकर बिल्डिंग मालिक से पैसे लेते थे। बाद में अग्निशमन विभाग की तरफ से बिल्डिंग के लिए जो भी अपडेट आता था वह वेंडर के नंबर व ईमेल पर आता था। फिर वेंडर अग्निशमन अधिकारी के साथ मिलकर बिल्डिंग मालिक से पैसे ऐंठता था।
450 से अधिक एनओसी का पता चला
एसएसपी के मुताबिक, पूरे प्रकरण की जांच में पता चला है कि वेंडरों ने अपने नाम पर 450 एनओसी जारी कर रखी हैं। इस मामले में 13 वेंडरों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसमें अनिल शर्मा, मनिराम डांडरियाल, देविका, देविका देसाई, जितेंद्र मोनी, जितेंद्र कुमार गौड़, एमएसपीएल, अरविंद कुमार गुप्ता, अरविंद गुप्ता, विशाल ढिंगरा, मुकेश गुप्ता, इंद्र कुमार मणि, गुरुप्रीत सिंह शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही है।