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Delhi NCR News: मजदूरी से मैदान तक, फैसल ने जीते तीन स्वर्ण
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फैसल का अंडर नेशनल गेम्स के लिए हुआ चयन
प्रथम चौहान
पूर्वी दिल्ली। जाफराबाद स्थित जाकिर हुसैन स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र फैसल ने अंडर-19 एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 800 मीटर, 1500 मीटर और 5000 मीटर की दौड़ में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। इस दमदार प्रदर्शन के आधार पर फैसल का चयन नेशनल गेम्स के लिए हो गया है।
पूर्वी दिल्ली के निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से फैसल रात में फ्लिपकार्ट में पैकिंग करते हैं। घर चलाने के लिए वे यह मजदूरी करते हैं। रात भर की मजदूरी के बाद वह दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जाते हैं। यहां वे सुबह अभ्यास करते हैं। इसके बाद वे अपनी पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं। एक एथलीट के लिए आहार अहम होता है। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण फैसल को अक्सर इससे महरूम रहना पड़ता है। इससे उनके अभ्यास पर भी असर पड़ता है।
फैसल की कामयाबी का सबसे बड़ा श्रेय उनके कोच रियासत अली को जाता है। फैसल ने बताया कि डाइट के लिए पैसे न होने पर कोच उनकी आर्थिक मदद करते हैं। कोच ने कई बार अपनी जेब से पैसे खर्च कर प्रोटीन पाउडर भी मंगवाया है। इससे पहले फैसल ने क्रॉस कंट्री की छह किलोमीटर दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीता था। कोच रियासत अली को अपने इस होनहार शिष्य पर गर्व है।
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प्रथम चौहान
पूर्वी दिल्ली। जाफराबाद स्थित जाकिर हुसैन स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र फैसल ने अंडर-19 एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 800 मीटर, 1500 मीटर और 5000 मीटर की दौड़ में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। इस दमदार प्रदर्शन के आधार पर फैसल का चयन नेशनल गेम्स के लिए हो गया है।
पूर्वी दिल्ली के निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से फैसल रात में फ्लिपकार्ट में पैकिंग करते हैं। घर चलाने के लिए वे यह मजदूरी करते हैं। रात भर की मजदूरी के बाद वह दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जाते हैं। यहां वे सुबह अभ्यास करते हैं। इसके बाद वे अपनी पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं। एक एथलीट के लिए आहार अहम होता है। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण फैसल को अक्सर इससे महरूम रहना पड़ता है। इससे उनके अभ्यास पर भी असर पड़ता है।
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फैसल की कामयाबी का सबसे बड़ा श्रेय उनके कोच रियासत अली को जाता है। फैसल ने बताया कि डाइट के लिए पैसे न होने पर कोच उनकी आर्थिक मदद करते हैं। कोच ने कई बार अपनी जेब से पैसे खर्च कर प्रोटीन पाउडर भी मंगवाया है। इससे पहले फैसल ने क्रॉस कंट्री की छह किलोमीटर दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीता था। कोच रियासत अली को अपने इस होनहार शिष्य पर गर्व है।
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