मेट्रो में फ्री में वाईफाई, एक मिनट में डाउनलोड होगा तीन जीबी डाटा
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दिल्ली मेट्रोरेल नेटवर्क में 50 मेगाबाइट्स प्रति सेकेंड (एमपीबीएस) की स्पीड से फ्री वाईफाई के साथ सफर में अटूट कनेक्टिविटी भी अगले साल मिलेगी। अभी ट्रेन सफर के दौरान कुछ जगह नेटवर्क चला जाता है और फोन पर बात नहीं हो पाती।
ये दिक्कत मई-जून, 2017 तक खत्म हो जाएगी। ना सिर्फ मोबाइल पर बातचीत अटूट होगी बल्कि क्रिकेट, फुटबॉल मैच के साथ हाईस्पीड नेटवर्क से सीधा प्रसारण देखना भी आसान होगा।
दिल्ली मेट्रोरेल कॉर्पोरेशन के साथ समझौता करने वाली टेक्रो सैट कॉम 250 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। जिसमें 400 किमी फाइबर केबल नेटवर्क बिछाने समेत सेटअप तैयार करने में 700 का स्टाफ लगाया हुआ है।
फ्री सेवा कुछ दिन के लिए नहीं बल्कि 10 साल का समझौता मेट्रो के साथ संबंधित कंपनी ने किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक का कहना है कि यात्रियों को दस साल तक फ्री सेवा देंगे। विज्ञापन से निवेश की भरपाई होगी।
पूरे नेटवर्क में होगी फ्री वाईफाई
दिल्ली मेट्रोरेल कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह का कहना है कि मई-जून, 2017 तक मेट्रो के पूरे नेटवर्क में फ्री वाईफाई सेवा शुरू हो जाएगी। जबकि मेट्रो फेज-तीन की ट्रेन और नेटवर्क में भी सुविधा रहेगी, सिस्टम में प्रावधान पहले ही कर लिए हैं।
टेक्रो सैट कॉम के प्रबंध निदेशक नीरव कुमार दवे ने अमर उजाला को बताया कि एयरपोर्ट लाइन की ट्रेन में भी नए साल पर जनवरी में वाईफाई सुविधा मिलने लगेगी।
अगला लक्ष्य नोएडा, वैशाली को द्वारका से जोडने वाली ब्लू लाइन को फुल्ली वाईफाई करना है। इस लाइन पर सिर्फ स्टेशन नहीं बल्कि ट्रेन और स्टेशन में एकसाथ हाईस्पीड फ्री वाईफाई शुरू करेंगे।
मेट्रो में यात्रा करने के दौरान मोबाइल कनेक्टिविटी की दिक्कत को लेकर पूछ गए सवाल पर दवे कहते हैं, टी ट्रैक 2 वेव साल्यूशन तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्रेन यात्रा के दौरान जहां इंटरनेट की अटूट सेवा मिलेगी, वहीं मोबाइल पर बातचीत का कनेक्शन भी नहीं टूटेगा।
एक मिनट में ढाई-तीन जीबी डाटा होगा डाउनलोड
दिल्ली मेट्रो में फ्री वाईफाई सेवा इतनी तेजी से काम करेगा कि एक मिनट में ढाई-तीन जीबी डाटा डाउनलोड कर सकेंगे। अभी बेशक इसके लिए स्टेशन पर रुकना पड़ेगा लेकिन भविष्य में जितनी देर स्टेशर परिसर और ट्रेन में रहेंगे, फ्री इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
स्पीड और कनेक्टिविटी दिक्कत को लेकर टेक्रो सैट कॉम के प्रबंध निदेशक नीरव कुमार दवे कहते हैं मेट्रों अधिकतम 32 लाख लोग दैनिक यात्रा करते हैं, वेव2 साल्यूशन तकनीक अभी मास्को काम कर रहा है जहां एकसाथ 80 लोग जुड़ते हैं।