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उत्तर प्रदेश्ा में एसिड पीड़ितों का मुफ्त इलाज
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 29 May 2014 10:17 PM IST
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तेजाबी हमले के बाद बदरंग जिंदगी का दंश झेल रही महिलाओं के जख्मों पर यूपी सरकार ने मरहम लगाने का प्रयास किया है। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में अब एसिड पीड़ित महिलाओं का इलाज मुफ्त किया जाएगा।
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नई व्यवस्था इसी माह से प्रदेश भर में लागू कर दी गई है। प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने यूपी के सभी डीएम, सीएमओ समेत जिला अस्पताल के अफसरों को निर्देश जारी किए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने लक्ष्मी बनाम यूनियन आफ इंडिया (क्रिमिनल रिट याचिका संख्या 129/2006 लक्ष्मी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) का हवाला देते हुए आदेश दिया था कि तेजाब हमले से पीड़ित महिलाओं आदि को गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने की प्रवृति को सख्ती से नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही पीड़ितों को सौ फीसदी मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जाए।
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इसी निर्णय को यूपी सरकार ने संज्ञान लेते हुए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अगर अस्पतालों में एसिड अटैक से पीड़ित के इलाज की सुविधा नहीं है तो उसके चिकित्सीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंडलीय स्तर के चिकित्सालयों का उच्चीकरण कराया जाएगा।
गौरतलब है कि तेजाब पीड़ित या जले हुए मरीजों को लिए एयरकंडीशन रूम अनिवार्य है। हाल में कई अन्य राज्यों में भी इस योजना को लागू किया गया। भारत में एक दशक में एसिड अटैक के मामले बढ़े हैं जिसमें 2010 में 27 मामले दर्ज हुए थे। सन 2000 से 2010 तक 174 मामले दर्ज हुए।