प्रोफेसर की करतूत ने दे दी शातिर अपराधियों को भी मात
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईपीएस अफसर बनकर लोगों से ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। कंप्यूटर साइंस में पीएचडी डिग्री होल्डर साथिश नायर, हैदराबाद स्थित श्रीजयाराम इंजीनियरिंग कॉलेज में सहायक प्रोफेसर था।
सड़क दुर्घटना के चलते उसकी नौकरी चली गई थी। बेरोजगार होने के बाद वह आईपीएस अफसर बनकर ठगी करने लगा। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी कितने लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार तिलक नगर निवासी कुलतार सिंह गफ्फार मार्केट में मोबाइल की सेल-परचेज की दुकान है।
कुलतार ने पुलिस का दी शिकायत में कहा था कि साथिश नायर नाम का शख्स उसकी दुकान पर 30 जनवरी को मोबाइल खरीदने आया था।
होटल में हुई मुलाकात
शाथिस ने खुद को आईपीएस अफसर बताया और पोस्टिंग जयपुर, राजस्थान में होने की बात कही। आरोपी ने अपना आईपीएस का पहचान पत्र दिखाया और कहा था कि जल्द ही उसकी पोस्टिंग दिल्ली में होने वाली है।
आरोपी दूसरी मुलाकात में कुलतार से ये कहकर एक लाख रुपये से ज्यादा के मोबाइल ले गया कि उसका एटीएम कार्ड काम नहीं रहा है। कुलतार की आरोपी से अगली मुलाकात करोलबाग स्थित रामा होटल में हुई थी।
यहां आरोपी आईपीएस की वर्दी में था। उसने कुलतार से कहा कि वह दिल्ली पुलिस मुख्यालय में मीटिंग के लिए जा रहा है, मगर कुलतार का उसके फर्जी आईपीएस होने का शक बढ़ता चला गया।
इंटरनेट ने खोला फर्जी अफसर का राज
जब कुलतार ने इंटरनेट पर आईपीएस अफसरों की सूची चेक की तो साथिश नाम का कोई अफसर नहीं मिला। उसने कुलतार से कुल 1.65 लाख रुपये ठग लिए थे।
स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर राहुल व संजय कुमार की टीम ने आरोपी को 24 फरवरी को करोलबाग में रामा होटल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की कार से आईपीएस अफसर की वर्दी व लैपटॉप बरामद किया है।
मूलरूप से केरल निवासी साथिश ने तमिलनाडु से बीटेक और चेन्नई स्थित अन्ना यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में एमटेक व पीएचडी कर चुका है।
सहायक प्रोफेसर भी रह चुका है ढग
इसके बाद ये हैदराबाद स्थित जयाराम इंजीनियर कॉलेज में सहायक प्रोफसर और उड़ीसा स्थित मदनापाल्ले इंस्टीट्यूट ऑफ टेकभनोलॉजी में सीनियर रीडर था। फरवरी, 2014 में आरोपी सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था।
चेहरे पर काफी चोट आने के कारण वह पांच महीने बिस्तर पर रहा था। इस कारण इसकी नौकरी चली गई थी। बेरोजगार होने के बाद वह आईपीएस अफसर बनकर ठगी करने लगा।