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सौर ऊर्जा के विकास पर 300 मिलियन यूरो खर्च करेगा फ्रांस

Mon, 25 Jan 2016 11:00 PM IST
Updated Mon, 25 Jan 2016 11:00 PM IST
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France will spend 300 million euros on the development of solar energy

गुरू द्रोण की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने सोमवार को विश्व कल्याण के लिए नया संदेश दिया। 121 देशों के संगठन को लेकर तैयार होने वाले ग्लोबल सचिवालय की आधारशिला रखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने सौर ऊर्जा के विकास परियोजनाओं के लिए अगले पांच वर्षों में 300 मिलियन यूरो उपलब्ध करवाने की घोषणा की और स्मार्ट सिटी में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर दिया।

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सौर उर्जा गठबंधन के बाद 121 देशों के वैज्ञानिक समाज को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए जो प्रयास करेंगे, वह भारत से किया जाएगा। इस मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि पेरिस सम्मेलन में भारत ने यह प्रदर्शित किया कि उर्जा का रूपांतरण करने और जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के लिए वह पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।
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भारत ने वर्ष 2030 तक अपने कार्बन घनत्व को 2005 की तुलना में 35 प्रतिशत कम करने व 40 प्रतिशत विद्युत का उत्पादन अक्षय उर्जा के स्रोतों से करने के प्रति वचनबद्ध है।
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ओलांद बोले भारत के ज्ञान ने हमें प्रेरणा दी है

France will spend 300 million euros on the development of solar energy

उन्होंने कहा कि वह भारत को प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देते हैं। वह पेरिस में एक महत्वाकांक्षी उत्तम और गतिशील समझौता करने में समर्थ हुए जो सभी मानव जाति के लिए बेहतर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सूर्य शक्ति का संगठन बनाने के लिए जब उन्होंने पेरिस में पहल की तो फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद व अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका खुलकर साथ दिया। अब सूर्य से बनने वाली ऊर्जा का लक्ष्य 175 गीगावाट रखा है। भारत अब तक 5000 मेगावाट अक्षय उर्जा संग्रहित कर चुका है।

ओलांद ने अपने भाषण में कहा कि भारत के ज्ञान ने हमें प्रेरणा दी है। जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए। भारत ने पेरिस समझौते के मध्य में जलवायु न्याय को शामिल करने में भी सहायता की है।

हमें भारत के वर्षों पुराने ज्ञान की आवश्यकता होगी

France will spend 300 million euros on the development of solar energy

विकसित और विकासशील देशों के बीच एकजुटता, वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण-ये सभी मुख्य विषय होंगे और फ्रांस इसे सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि हम एक साथ मिलकर 21वीं सदी के लिए प्रतिमान में बदलाव लाने में सफल हुए हैं।

ओलांद ने कहा कि नई सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें भारत के वर्षों पुराने ज्ञान की आवश्यकता होगी। फ्रांस के राष्ट्रपति ने स्वामी विवेकानन्द का भी जिक्र किया।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि फ्रांस, भारत सरकार द्वारा शुरू किये गए। फ्रांस स्मार्ट सिटी कार्यक्रम में भाग लेगा। इन शहरों को सौर विद्युत की आपूर्ति कर सार्वजनिक रोशनी व्यवस्था में वृद्धि लाने तथा इसे बड़े स्तर पर उपलब्ध करवाने में सहायता कर सौर गठबंधन की परियोजनाओं को इस पहल के साथ जोड़ सकते हैं।

ग्रामीण विद्युतीकरण, ऊर्जा, सुलभता और ऊर्जा दक्षता के विकेन्द्रीकृत प्रबन्धन पर भी काम कर सकते हैं। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय अक्षय ऊर्जा राज्यमंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह, केन्द्रीय मंत्री वी के सिंह समेत प्रदेश के मंत्री व विधायक शामिल थे।

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