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Delhi Assembly: विधानसभा से आतिशी और आप विधायकों का वॉकआउट, सदन में उठा मीट की दुकानें बंद करने का मुद्दा
Thu, 27 Mar 2025 12:53 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 27 Mar 2025 12:53 PM IST
सार
Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। सदन की कार्यवाही के दौरान नेता विपक्ष आतिशी और आप विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। वहीं नवरात्रि में मीट की दुकानें बंद करने का मुद्दा भी सदन में उठा।
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दिल्ली विधानसभा में आतिशी
- फोटो : दिल्ली विधानसभा यूट्यूब
विस्तार
विधानसभा में नियम 280 के तहत विशेष उल्लेख के मुद्दे पर अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बीच टकराव देखने को मिला। विजेंद्र गुप्ता ने विपक्षी विधायकों की ओर से दिल्ली की कानून व्यवस्था के संबंध में विशेष उल्लेख नोटिस को खारिज कर दिया, जिसके विरोध में आप विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया। इससे पहले अध्यक्ष ने आप के तीन विधायकों को हंगामा करने के कारण मार्शल आउट करवा दिया। इस प्रकरण के संबंध में आतिशी ने विजेंद्र गुप्ता के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए पत्र लिखा था।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन में केवल उन्हीं विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, जिन पर सरकार कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की ओर से लाए गए मुद्दे सदन की कार्यवाही बाधित करने और राजनीतिक लाभ लेने के इरादे से लाए गए थे। उन्होंने कहा कि विशेष उल्लेख का उद्देश्य जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना होता है, लेकिन विपक्ष के सदस्य इसे महज मीडिया का ध्यान आकर्षित करने और सदन में व्यवधान डालने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर वे गर्मियों की तैयारियों, डेंगू, जलभराव और सफाई व्यवस्था पर चर्चा करना चाहते हैं तो स्वागत है, लेकिन राजनीति के लिए सदन का समय बर्बाद नहीं किया जा सकता।
आतिशी ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर चर्चा से इनकार करना अकल्पनीय है। उन्होंने लिखा कि अगर दिल्ली में कोई दुष्कर्म होगा, महिलाएं असुरक्षित होंगी, गोलियां चलेंगी तो क्या हम इस पर बात भी नहीं करेंगे, अगर विधायक अपने इलाके की समस्याएं नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएगा। ऐसा लग रहा है कि भाजपा सरकार अपराध रोकने में असफल रही है और अब इस पर चर्चा भी नहीं होने देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा रोकना लोकतंत्र का अपमान है।
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विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को खारिज किया
विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के नियमों के तहत विशेष उल्लेख का विषय केवल उन्हीं मुद्दों पर हो सकता है, जिन पर सदन का नियंत्रण हो। कानून व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन आती है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकती। उनके इस फैसले से नाराज आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में सदन का बहिष्कार कर दिया। इससे पहले विजेंद्र गुप्ता ने हंगामा करने के कारण आप विधायक विशेष रवि, कुलदीप कुमार व मुकेश अहलावत को सदन से मार्शल आउट करवा दिया था।
सदन में उठा मीट की दुकानों को बंद करने का मुद्दा
भाजपा विधायक करनैल सिंह और सफदरगंज से विधायक रविंद्र नेगी ने नवरात्रि के दौरान सड़कों पर अवैध रूप से चल रहे मीट की दुकान न खुलने का मुद्दा सदन में उठाया।
बजट चर्चा पर विवाद, अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष के आरोप बेबुनियाद बताए
विधानसभा में बजट चर्चा को लेकर बुधवार को अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बीच पत्रों के माध्यम से आरोपों का दौर चला। आतिशी ने विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत न करने और बजट पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय न देने पर सवाल उठाए, जबकि विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिए।
आतिशी ने पत्र में कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में पिछली सरकार की ओर से किए गए कार्यों का विवरण होता है, जिसमें दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और सरकारी खजाने में बढ़ोतरी जैसी बातें दर्ज होती हैं। नई सरकार इस रिपोर्ट को सदन में पेश नहीं करना चाहती, इसलिए बिना इसे प्रस्तुत किए ही बजट पेश कर दिया गया। बजट पर चर्चा के लिए सिर्फ एक घंटे का समय दिया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विपरीत है।
ये भी पढ़ें: दिल्ली में ईद से पहले विवाद: मोहन सिंह बिष्ट बोले- हम नमाज के खिलाफ नहीं, बंद हों मीट की दुकानें; आप ने घेरा
विधानसभा का सत्र दो दिन के लिए बढ़ाया
उधर, विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को असत्य और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बजट पर 27 मार्च तक विस्तृत चर्चा होगी व सभी विधायकों को बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष के सदस्य भी शामिल थे और यह तय किया गया था कि सभी सदस्यों को पार्टी की सदस्य संख्या के अनुसार समान रूप से बोलने का मौका मिलेगा। लिहाजा यह कहना पूरी तरह गलत है कि बजट पर चर्चा के लिए केवल एक घंटे का समय दिया गया है। यदि आवश्यक हुआ तो सत्र की अवधि भी बढ़ाई जाएगी। हर विषय पर चर्चा हो रही है, इसलिए यह कहना कि सरकार बजट पर चर्चा से बचना चाहती है, राजनीति से प्रेरित बयान है। उन्होंने विधायकों के आग्रह पर सत्र की अवधि दो दिन के लिए बढ़ा दी। पहले सत्र 28 मार्च तक चलना था।
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विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन में केवल उन्हीं विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, जिन पर सरकार कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की ओर से लाए गए मुद्दे सदन की कार्यवाही बाधित करने और राजनीतिक लाभ लेने के इरादे से लाए गए थे। उन्होंने कहा कि विशेष उल्लेख का उद्देश्य जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाना होता है, लेकिन विपक्ष के सदस्य इसे महज मीडिया का ध्यान आकर्षित करने और सदन में व्यवधान डालने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर वे गर्मियों की तैयारियों, डेंगू, जलभराव और सफाई व्यवस्था पर चर्चा करना चाहते हैं तो स्वागत है, लेकिन राजनीति के लिए सदन का समय बर्बाद नहीं किया जा सकता।
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आतिशी ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर चर्चा से इनकार करना अकल्पनीय है। उन्होंने लिखा कि अगर दिल्ली में कोई दुष्कर्म होगा, महिलाएं असुरक्षित होंगी, गोलियां चलेंगी तो क्या हम इस पर बात भी नहीं करेंगे, अगर विधायक अपने इलाके की समस्याएं नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएगा। ऐसा लग रहा है कि भाजपा सरकार अपराध रोकने में असफल रही है और अब इस पर चर्चा भी नहीं होने देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा रोकना लोकतंत्र का अपमान है।
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विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को खारिज किया
विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के नियमों के तहत विशेष उल्लेख का विषय केवल उन्हीं मुद्दों पर हो सकता है, जिन पर सदन का नियंत्रण हो। कानून व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन आती है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकती। उनके इस फैसले से नाराज आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में सदन का बहिष्कार कर दिया। इससे पहले विजेंद्र गुप्ता ने हंगामा करने के कारण आप विधायक विशेष रवि, कुलदीप कुमार व मुकेश अहलावत को सदन से मार्शल आउट करवा दिया था।
सदन में उठा मीट की दुकानों को बंद करने का मुद्दा
भाजपा विधायक करनैल सिंह और सफदरगंज से विधायक रविंद्र नेगी ने नवरात्रि के दौरान सड़कों पर अवैध रूप से चल रहे मीट की दुकान न खुलने का मुद्दा सदन में उठाया।
बजट चर्चा पर विवाद, अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष के आरोप बेबुनियाद बताए
विधानसभा में बजट चर्चा को लेकर बुधवार को अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बीच पत्रों के माध्यम से आरोपों का दौर चला। आतिशी ने विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत न करने और बजट पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय न देने पर सवाल उठाए, जबकि विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिए।
आतिशी ने पत्र में कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में पिछली सरकार की ओर से किए गए कार्यों का विवरण होता है, जिसमें दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और सरकारी खजाने में बढ़ोतरी जैसी बातें दर्ज होती हैं। नई सरकार इस रिपोर्ट को सदन में पेश नहीं करना चाहती, इसलिए बिना इसे प्रस्तुत किए ही बजट पेश कर दिया गया। बजट पर चर्चा के लिए सिर्फ एक घंटे का समय दिया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विपरीत है।
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विधानसभा का सत्र दो दिन के लिए बढ़ाया
उधर, विजेंद्र गुप्ता ने आरोपों को असत्य और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बजट पर 27 मार्च तक विस्तृत चर्चा होगी व सभी विधायकों को बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष के सदस्य भी शामिल थे और यह तय किया गया था कि सभी सदस्यों को पार्टी की सदस्य संख्या के अनुसार समान रूप से बोलने का मौका मिलेगा। लिहाजा यह कहना पूरी तरह गलत है कि बजट पर चर्चा के लिए केवल एक घंटे का समय दिया गया है। यदि आवश्यक हुआ तो सत्र की अवधि भी बढ़ाई जाएगी। हर विषय पर चर्चा हो रही है, इसलिए यह कहना कि सरकार बजट पर चर्चा से बचना चाहती है, राजनीति से प्रेरित बयान है। उन्होंने विधायकों के आग्रह पर सत्र की अवधि दो दिन के लिए बढ़ा दी। पहले सत्र 28 मार्च तक चलना था।
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