दिल्ली का बजटः मुफ्त योजनाओं पर खर्च होंगे चार हजार करोड़, सत्र 23 से
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तीसरी बार सत्ता हासिल करने वाली आप सरकार का पहला बजट तकरीबन तैयार है। पुरानी योजनाओं को जारी रखने के साथ इसमें सरकार का फोकस दिल्ली जल बोर्ड, परिवहन व पर्यावरण विभाग का बजट बढ़ाने पर होगा। इनके सहारे सरकार चुनावी वायदे पूरे करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। बड़ा आवंटन करीब 4 हजार करोड़ रुपये मुफ्त सेवाओं के लिए रहेगा।
विधानसभा का बजट सत्र 23-27 मार्च को है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 25 मार्च को सदन में वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करेंगे। मौजूदा वित्त वर्ष के 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल इसके 63 हजार करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। इसमें शिक्षा व स्वास्थ्य के अलावा परिवहन व पर्यावरण पर सरकार का फोकस रहेगा।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष की तरह इस बार भी बजट का करीब 26 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च होगा। खर्च के लिहाज से यह सबसे ज्यादा आवंटन होगा। वहीं, स्वास्थ्य पर 13 फीसदी खर्च होगा। इस बार परिवहन व पर्यावरण पर बजट आवंटन बढ़ने का अनुमान है। इसमें इलेक्ट्रिक लो फ्लोर एसी बसों के अलावा एसी लो फ्लोर बसों की खरीद के लिए सरकार बड़ी राशि रखेगी।
अधिकारियों का कहना है कि क्लस्टर स्कीम में बसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रति किमी पर आने वाले खर्च की भरपाई के लिए भी बजट आवंटित होगा। खासतौर से इसलिए भी कि लो फ्लोर क्लस्टर बसों पर सरकार को प्रति किमी करीब 80 रुपये देने हैं। इस पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, डीटीसी के घाटे की भरपाई के लिए करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि, सरकार 400 करोड़ रुपये से ज्यादा नई बसों की खरीद पर खर्च करेगी।
दूसरी तरफ, पर्यावरण के क्षेत्र में पौधरोपण के महाअभियान के साथ वायु गुणवत्ता रीयल टाइम मापने की योजना पर काम चल रहा है। यमुना की साफ-सफाई के प्रोजेक्ट को भी लागू करना है। इससे पर्यावरण का हिस्सा बढ़ेगा। इसके अलावा, हर घर को 24 घंटे पानी की सप्लाई पर भी बजट में फोकस रहेगा। इन मदों में वास्तविक आवंटन की जानकारी 25 मार्च को बजट का पिटारा खुलने पर ही मिलेगी।
बिजली पर 2500, महिलाओं की यात्रा पर 425 करोड़ सब्सिडी
दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि 200 यूनिट तक फ्री बिजली और 201-400 यूनिट तक 800 रुपये की सब्सिडी पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, 20 हजार लीटर मुफ्त पानी पर सरकार करीब 350 करोड़ रुपये खर्च करेगी। महिलाओं की बस यात्रा फ्री करने के मद में 425 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
सरकार छात्रों व बुजुर्गों को भी इस योजना में शामिल करती है तो खर्च में करीब 125 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी। दूसरी तरफ, मेट्रो में महिलाओं की यात्रा शुल्क मुक्त करने पर 350 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। शिक्षा क्षेत्र में प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं पर भी खर्च बढ़ेगा। इसमें 10वीं में 80 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों के लिए मुफ्त टैब, उद्यमिता कार्यक्रम में 11वीं-12वीं के छात्रों को 1000-1000 रुपये देने पर करीब 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अधिकारियों के मुताबिक, मुफ्त सेवाओं के लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपये आवंटित होंगे।
मोहल्ला मार्शल के लिए भी होगा आवंटन
महिला सुरक्षा बेहतर करने के लिए चुनाव के वक्त पार्टी ने हर मोहल्ले में मार्शल की तैनाती की गारंटी दी थी। सरकार अप्रैल महीने से चार विधानसभा क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इसके सफल होने के बाद प्रोजेक्ट पूरी दिल्ली में लागू होगा। पूरी दिल्ली में करीब 25 हजार मोहल्ला मार्शल नियुक्त होने हैं। इस मद के लिए भी सरकार बजटीय प्रावधान करेगी।