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दिल्ली में सात साल पहले बनी पांच मंजिला इमारत झुकी, गिरने की कगार पर
Fri, 19 Jul 2019 08:22 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 19 Jul 2019 08:22 PM IST
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झुकी हुई इमारत
- फोटो : अमर उजाला
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दक्षिणी दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से मदनगीर में सात पहले निर्मित भवन के झुकने से एक बड़ा हादा टल गया। बिल्डिंग के झुकने के तुरंत बाद दक्षिणी नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची
पांच मंजिला इमारत को गिराने से पहले इस घर और आसपास के फ्लैटों में रहने वालों को खाली करवाया गया ताकि किसी तरह का हादसा न हो। दोपहर बाद इमारत को गिराने की तैयारियां शुरू कर दी गई, लेकिन इसमें तीन चार दिन का वक्त लगने की संभावना जताई गई है।
पिछले दिनों के दौरान हुई बारिश के बाद मदनगीर के गली नंबर-14 में इमारत के गिरने की कगार पर पहुंचने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंचकर, मौके का मुआयना किया।
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टीम के एक अधिकारी ने बताया कि इमारत महज सात साल पुरानी है, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए इसमें पांचवीं मंजिल तक निर्माण किया गया। इस बिल्डिंग के पास ही सेप्टिक टैंक है, जिससे इमारत की बुनियाद पहले ही कमजोर थी। बारिश के बाद हालात और भी खराब हुए, नतीजतन बिल्डिंग एक तरफ झुकने लगी।
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पांच मंजिला इमारत को गिराने से पहले इस घर और आसपास के फ्लैटों में रहने वालों को खाली करवाया गया ताकि किसी तरह का हादसा न हो। दोपहर बाद इमारत को गिराने की तैयारियां शुरू कर दी गई, लेकिन इसमें तीन चार दिन का वक्त लगने की संभावना जताई गई है।
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पिछले दिनों के दौरान हुई बारिश के बाद मदनगीर के गली नंबर-14 में इमारत के गिरने की कगार पर पहुंचने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंचकर, मौके का मुआयना किया।
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टीम के एक अधिकारी ने बताया कि इमारत महज सात साल पुरानी है, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए इसमें पांचवीं मंजिल तक निर्माण किया गया। इस बिल्डिंग के पास ही सेप्टिक टैंक है, जिससे इमारत की बुनियाद पहले ही कमजोर थी। बारिश के बाद हालात और भी खराब हुए, नतीजतन बिल्डिंग एक तरफ झुकने लगी।
टीम ने सबसे पहले इस बिल्डिंग सहित आसपास के घरों को खाली करवाया ताकि इसे गिरने से बचाया जा सके। इसके बाद दोपहर बाद टीम ने इमारत के चारों तरह की दीवारों को तोडने की शुरुआत की।
उपायुक्त का कहना है कि इसे तोडने में तीन दिन तक का वक्त लग सकता है। किसी तरह का हादसा न हो इसलिए एहतियात के तौर पर आसपास के पांच फ्लैटों को खाली करवाया गया है।
बिल्डिंग के तिरछी होने की वजह से पड़ोस की एक और इमारत पर भी इसका मामूली असर पड़ा है, जिसे सुरक्षित रखते हुए शनिवार को इस इमारत को तोडने का काम किया जाएगा।
हाल ही में निगमों की ओर से राजधानी में खतरनाक इमारतों का सर्वे किया गया था ताकि बारिश से पहले नोटिस देकर इन्हें गिराया जा सके। उत्तरी निगम क्षेत्र में ऐसे 49 भवनों की पहचान की गई जबकि दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में एक भी इमारत की पहचान खतरनाक के तौर पर नहीं की गई है।
उपायुक्त का कहना है कि इसे तोडने में तीन दिन तक का वक्त लग सकता है। किसी तरह का हादसा न हो इसलिए एहतियात के तौर पर आसपास के पांच फ्लैटों को खाली करवाया गया है।
बिल्डिंग के तिरछी होने की वजह से पड़ोस की एक और इमारत पर भी इसका मामूली असर पड़ा है, जिसे सुरक्षित रखते हुए शनिवार को इस इमारत को तोडने का काम किया जाएगा।
हाल ही में निगमों की ओर से राजधानी में खतरनाक इमारतों का सर्वे किया गया था ताकि बारिश से पहले नोटिस देकर इन्हें गिराया जा सके। उत्तरी निगम क्षेत्र में ऐसे 49 भवनों की पहचान की गई जबकि दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में एक भी इमारत की पहचान खतरनाक के तौर पर नहीं की गई है।