ऑनलाइन ठगी करने वाले चार गिरफ्तार: एक ही खाते में 4.28 करोड़ लेनदेन, शेयर मार्केट में निवेश कराकर बनाते शिकार
बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले जालसाजों के एक बैंक में एक खाते में 4.28 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल पांच स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
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दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने पूरे देश में ऑनलाइन ठगी करने वाले चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी शेयर मार्केट में निवेश कराकर बड़े मुनाफे होने का झांसा देकर ठगी करते थे। बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले जालसाजों के एक बैंक में एक खाते में 4.28 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। इनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल पांच स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन जालसाजों से संबंधित एनसीआरपी गृह मंत्रालय पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से प्राप्त 72 शिकायतें लिंक पाई गई हैं। आरोपी विदेश में बैठे जालसाजों के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराते थे।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी के अनुसार एक इंटरनेशनल एलएलपी के साथ इंजीनियरिंग विभाग में डीजीएम-आईटी के रूप में कार्यरत अर्जुन सेठी ने वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। वह शेयर बाजार के बारे में अनजान थे। इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के जरिए विज्ञापन में रुचि दिखाने पर स्कैमर्स ने उन्हें 10 जनवरी, 24 को एक व्हाट्सएप ग्रुप वैनगार्ड 249 में जोड़ दिया। शिकायतकर्ता ने स्कैमर्स द्वारा बनाए गए और प्रबंधित समूह में लगभग 42 लाख रुपये की राशि का निवेश किया। जब उन्होंने निवेश किए गए पैसे को वापस लेने की कोशिश की, तो स्कैमर्स ने प्रबंधन शुल्क और करों के रूप में और पैसे मांगे। आरोपियों ने निवेश किए गए पैसे वापस करने से इन्कार कर दिया। उसके बाद शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। उन्होंने 10 मार्च को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
मामला दर्जकर साइबर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विकास कुमार बुलडक की देखरेख में एक टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने उन 11 बैंक खातों को पता किया जिनमें ठगी की रकम गई थी। मनी ट्रेल का बैंकिंग डेटा, पंजीकृत फोन नंबर, मेल आईडी और आईपी डेटा एकत्र किया गया। सब-इंस्पेक्टर जगदीप नारा की टीम ने सूरत, अहमदाबाद, चित्तौडग़ढ़ और बड़ा बाजार कोलकाता डब्ल्यूबी में संभावित स्थानों पर छापे मारे। रिकॉर्ड के अनुसार श्री राधे एंटरप्राइज का चालू बैंक खाता जीएसटी नंबर, उद्यम प्रमाण पत्र के साथ खुला था, जो सूरज, गुजरात निवासी निकुंज अश्विनभाई मकवाना पुत्र अश्विनभाई (29) के नाम पर पंजीकृत मिला। इसको गिरफ्तार कर लिया गया। इस पुलिस टीम ने पोस्ता कोलकाता में छापा मारकर आदित्य सोनकर को गिरफ्तार किया गया।
4.28 करोड़ का हुआ लेनदेन
आरोपी आदित्य ने बताया कि उसने अपना बैंक अकाउंट किट के साथ जुड़ी सिम, लॉगिन क्रेडेंशियल्स कथित सुमित शॉ को बेच दिए थे। फरवरी 2024 में जालसाजों ने बड़े पैमाने पर बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इस बैंक खातों के लेकर 15 से अधिक एनसीआरपी शिकायतें दर्ज पाई गई। इस बैंक खाते में लगभग 4.28 करोड़ रुपये का बड़ा लेनदेन हुआ है। इसके बाद आरोपी सुमित शॉ को गिरफ्तार किया कर लिया। इसके बाद आरोपी चेतन सिंह राणावत को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खाता बेचकर पैसे कमाना चाहता था
कम पढ़े लिखे आरोपी निकुंज मकवाना ने बताया कि वह सूरत में एक फैक्टरी में काम करता है। उसे पता चला कि वह चालू बैंक खाते बेचकर आसानी से पैसे कमा सकता है। इस पर उसने अपने दो चालू बैंक खाते खोले और अपने सहयोगी चेतन राणावत को दिए। वह कमीशन के आधार पर टेलीग्राम एप्लीकेशन के जरिए चालू बैंक खाते से डील करता था। आरोपी आदित्य सोनकर एक ज्वेलरी शॉप में काम करता है और अपने दोस्त सुमित शॉ के कहने पर उसने चालू बैंक खाते को प्रतिशत के आधार पर कोलकाता के घोटालेबाजों को सप्लाई किया।
स्नातक किया हुआ है
चित्तौडग़ढ़, राजस्थान निवासी चेतन सिंह राणावत(33) पुत्र भंवर सिंह राणावत और बड़ाबाजार कोलकाता सुमित शॉ (23) पुत्र राम बिलास शॉ ने स्नातक किया हुआ है।