पूर्व OSD यशपाल त्यागी के बिल्डर प्रोजेक्टों में निवेश की भी होगी जांच
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) यशपाल त्यागी द्वारा कुछ बिल्डर प्रोजेक्टों में निवेश करने की भी आयकर विभाग जांच कर रहा है। त्यागी विदेश भी जाते रहते हैं, ऐसे में उनके विदेशों में प्रॉपर्टी होने की संभावना की भी जांच की जा रही है।
आयकर विभाग ने नियम के मुताबिक, त्यागी को नोटिस भेजकर दो हफ्ते का समय दिया है। वहीं विभाग को सूचना मिली है कि त्यागी ने कुछ बिल्डर प्रोजेक्ट के टावरों में भी निवेश किया था, जिसकी जांच की जा रही है।
मालूम हो कि त्यागी तीनों प्राधिकरणों में फार्म हाउस और औद्योगिक प्लाट आवंटन की तीनों प्राधिकरणों की कमेटी में रहे हैं और सीधे सीईओ को रिपोर्ट करते थे। बिल्डर और कॉमर्शियल जितनी भी जमीन आवंटित हुई है, उनमें से ज्यादातर इन्हीं के कार्यकाल में आवंटित हुई हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, वर्ष 2009-10 में 302.711 हेक्टेयर बिल्डर को आवंटित की थी।
प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिक विभाग से पूछताछ जारी
2010-11 97.2214 हेक्टेयर जमीन बिल्डरों को आवंटित की थी।इस दौरान फार्म हाउस आवंटन, बिल्डर और स्पोर्ट्स सिटी जमीन आवंटन में प्राधिकरण को घाटा हुआ था।
सोशल मीडिया पर यशपाल त्यागी पर लोग आक्रोश दिखा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस मामले में सरकार को एक्शन लेना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों ने पूरे प्राधिकरण की सीबीआई जांच की बात कही है।
नोएडा प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह पर 954 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप की जांच में जुटी सीबीआई विद्युत यांत्रिक विभाग के अभियंताओं से लगातार पूछताछ कर रही है।
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, रोजाना जूनियर इंजीनियर्स, परियोजना अभियंताओं और अकाउंट विभाग के स्टाफ को सीबीआई तलब करके पूछताछ कर रही है। सीबीआई केस को मजबूत बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है।