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दिल्ली हाईकोर्ट से चौटाला को बड़ी राहत, 1997 के केस के दस्तावेज मंगाने की मिली इजाजत

Thu, 02 Aug 2018 12:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 02 Aug 2018 12:27 AM IST
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Former chief minister Om Prakash Chautala gets permission to file documents of 1997 case
हरियाणा के पूर्व CM चौटाला
हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बचाव के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को एक पुराने मामले के दस्तावेज व गवाहों को कोर्ट में बुलाने की अनुमति दे दी है। 
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यह मामला 1997 में हरियाणा के सिरसा के सदर डबवाली में दर्ज किया गया था और इसमें जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। मौजूदा मामला सीबीआई ने 2006 में दर्ज किया था। 
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जस्टिस संजीव सचदेवा ने ओपी चौटाला के आवेदन पर सुनवाई के बाद 1997 में दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले के दस्तावेज, जांच अधिकारी, चौटाला गांव का राजस्व रिकार्ड, चौटाला के कृषि भूमि संबंधी दस्तावेज व उसकी साझेदारी संबंधी दस्तावेज मंगाने की अनुमति प्रदान की है। 
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निचली अदालत ने चौटाला की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के समक्ष चौटाला की ओर से जिरह करते हुए अधिवक्ता हर्ष शर्मा ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति का विचाराधीन केस सीबीआई ने 2006 में दर्ज किया था। 

जांच के बाद 2010 में चार्जशीट दाखिल की गई थी। सीबीआई ने 106 गवाह पेश किए और गवाही पूरी करने में करीब सात साल लगे। चौटाला का बयान चार्जशीट के सात साल बाद 16 जनवरी 2018 को दर्ज हो सका। 

चौटाला के वकील ने कहा कि इस केस में अपना बचाव तैयार करने के लिए 1997 के केस के दस्तावेज पर गवाहों से जिरह करने की जरूरत है। यह सब रिकार्ड सरकार के पास है और इसमें ज्यादातर गवाह सरकारी अधिकारी हैं। इसलिए पुनर्विचार याचिका को स्वीकार करते हुए यह दस्तावेज मंगाने व गवाहों को बुलाने की अनुमति दी जाए।  

चौटाला के भाई प्रताप सिंह की शिकायत पर 17 जवररी 1997 को थाना सदर डबवाली में आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन जांच के बाद इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट तक मामला गया था लेकिन पुलिस की रिपोर्ट को खारिज नहीं किया गया था।
 
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