अरुणाचल के पूर्व CM को साढ़े 3 साल की जेल
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम पीके थुंगन को भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराने के बाद सीबीआई कोर्ट ने साढ़े तीन साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला राजधानी में 1993-94 में सरकारी दुकानों के आवंटन में धांधली से जुड़ा है। थुंगन भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में पहले से ही जेल में हैं। तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज संजीव अग्रवाल ने पीके थुंगन को भ्रष्टाचार व आपराधिक साजिश का दोषी ठहराने के बाद सजा सुनाई है।
सीबीआई ने थुंगन के लिए अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा था कि उन्हें भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में पहले भी साढ़े चार साल कैद की सजा हो चुकी है और उनका पुराना आपराधिक रिकार्ड है। वह अरुणाचल प्रदेश के सीएम व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और अपने पद का दुरुपयोग किया।
1996 में दर्ज किया गया था मुकद्दमा
वहीं, बचाव पक्ष ने थुंगन की अधिक उम्र व खराब सेहत का हवाला देते हुए नरमी बरतने व कम से कम सजा देन का आग्रह किया था। मामले में थुंगन, शेरिंग व कृष्णा के साथ पूर्व शहरी व रोजगार मंत्री शीला कौल व तुलसी बलोदी भी आरोपी थे। अदालत ने शीला कौल व तुलसी बलोदी की मौत के बाद उनके खिलाफ सुनवाई बंद कर दी थी।
सीबीआई ने पेश मामले में पांचों के खिलाफ दुकानों के आवंटन में आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार के आरोप में 1996 में मुकदमा दर्ज किया था। एजेंसी के मुताबिक इन पांच आरोपियों ने सितंबर 1993 से जून 1994 के बीच दुकानों के आवंटन से फायदा उठाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर दुकानों का आवंटन किया था।
विशेष सीबीआई अदालत ने भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में जुलाई 2015 में साढ़े चार साल कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला केंद्रीय बजट राशि के गबन से जुड़ा है।