भूलिए पुराना, आ गया ऑड-ईवन का नया फॉर्मूला
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए अलग-अलग दिन सम और विषम नंबर की गाड़ी का अब नया फॉर्मूला दिया है। इसकी घोषणा परिवहन मंत्री गोपाल राय ने की।
नए फॉर्मूले के मुताबिक दिल्ली में गाड़ी दिन के नहीं बल्कि तारीख के हिसाब से चलेगी। जबकि रविवार को किसी भी नंबर की गाड़ी चलाने की छूट रहेगी। 2, 4, 6, 8 तारीख को सम नंबर की गाड़ियां चला सकेंगे और 1, 3, 5, 7, 9 तारीख को विषम नंबर वाली गाडी़।
सम-विषम कारों का नियम सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक रहेगा। यानि रात आठ से सुबह आठ बजे के बीच किसी भी नंबर की गाड़ी दिल्ली में चलाई जा सकेगी।
हालांकि दिल्ली के परिवहन मंत्री ने कहा कि स्कूटर, बाईक और बाहर की गाड़ियों पर अभी फैसला नहीं हो सका है।
1 जनवरी से 15 जनवरी तक ट्रायल फेज
नये फॉर्मूले को 1 जनवरी से लागू किया जाएगा। 1 जनवरी से 15 जनवरी तक ट्रायल का पहला फेज होगा। परिवहन मंत्री ने साफ किया कि पंद्रह दिन (1 से 15 जनवरी) के प्रयोग के बाद इसके प्रभाव को देखते हुए फॉर्मूले को आगे जारी रखने के बारे में फैसला किया जाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने सम-विषम फॉर्मूले के तहत कार चलाने का नियम बनाने की बात कही थी।
दिल्ली सरकार के इस फैसले की जहां एक ओर देश्ा के चीफ जस्टिस ने सराहना की थी वहीं, विरोधी दलों ने इसकी आलोचना भी की थी। भाजपा ने इस फॉमूले को गरीब जनता के खिलाफ करार दिया था।
इतना ही नहीं हाईकोर्ट में दाखिल की गई एक जनहित याचिका में भी दिल्ली सरकार के इस निर्णय पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत कल इस मामले पर सुनवाई करेगी।
क्या था पुराना फॉर्मूला
बता दें कि एनजीटी और दिल्ली सरकार की फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक साथ आधा दर्जन से अधिक कड़े फैसले लिए थे।
इसमें सबसे बड़ा फैसला दिल्ली में एक नंबर की गाड़ी को महीने में पंद्रह दिन चलाने का था। सरकार ने फैसला किया था कि दिल्ली में एक दिन विषम (ऑड नंबर) संख्या और दूसरे दिन सम (इवन नंबर) संख्या के वाहन सड़क पर चलेंगे।
हालांकि इसमें सार्वजनिक वाहन और आपातकालीन वाहन को छूट दी गई थी। अनुमान है कि इससे सड़क पर गाड़ी की संख्या आधी हो जाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली आपात उच्चस्तरीय बैठक में ये फैसले लिए गए थे।
सरकार ने तय किया था कि एक जनवरी, 2016 से सम और विषम नंबर की गाड़ी का फैसला लागू करने का तरीके में प्रधान परिवहन सचिव, पर्यावरण सचिव, मंडलायुक्त निकालेंगे, जिसमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को भी शामिल किया जाएगा।
ऐसे दूर होगी लोगों की परेशानी
लोगों को परेशानी से बचाने के लिए सरकार ने दिल्ली में बस व ट्रेन फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और स्कूल बसें किराए पर लेने का भी फैसला किया था।
इसके साथ ही एक जनवरी से बदरपुर और राजघाट का थर्मल पावर प्लांट बंद करने का भी फैसला लिया गया था। वहीं, यूपी के दादरी में चल रहे थर्मल पावर प्लांट की वजह से भी प्रदूषण हो रहा है। उसे बंद करवाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में आवेदन देने का सरकार ने फैसला लिया था।
केंद्र सरकार ने एक जनवरी, 2019 में वाहन का मानक यूरो-6 लागू करने का लक्ष्य रखा है लेकिन दिल्ली सरकार ने फैसला लिया कि इसे एक जनवरी, 2017 में ही लागू किया जाएगा।
दिल्ली में धूल के कारण भी प्रदूषण होता है। मुख्य सड़कों की सफाई एक अप्रैल, 2016 से मेकेनिकल (वैक्यूम क्लीनिंग) होगी वहीं, सड़क किनारे या बीच में कच्ची जगह को घास या पौधे से ग्रीन किया जाएगा।
सड़क पर माल ढोने वाले कॉमर्शियल वाहनों की 9 बजे एंट्री खुल जाती है जबकि प्राइवेट वाहन उस समय अच्छी खासी संख्या में होते हैं। इसलिए नो एंट्री का टाइम 10 बजे या 11 बजे करने का भी फैसला लिया गया था।
इतना ही नहीं, बॉर्डर पर घुसने वाले कॉमर्शियल वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जांच करने व धुआं दिखने वाले वाहनों की जांच की व्यवस्था भी की जाएगी।
एक नजर में जानिए सारे फैसले
वैक्यूम क्लीनिंग मशीन से साफ होंगी चौड़ी सड़कें।
बदरपुर व राजघाट का थर्मल पावर प्लांट एक जनवरी से होगा बंद।
यूपी के दादरी में थर्मल पावर प्लांट बंद किए जाने के लिए एनजीटी में याचिका डालेगी सरकार।
कॉमर्शियल माल वाहनों की नो-एंट्री 10 या 11 बजे तक होगी, पीयूसी प्रमाणपत्र की होगी जांच।
केंद्र सरकार ने देशभर में एक जनवरी, 2019 से यूरो-6 वाहन मानक तय किया है जो दिल्ली सरकार 2017 में ही लागू करेगी।
पीडब्ल्यूडी की सड़क किनारे बनाए गए एमसीडी की पार्किंग बंद की जाएंगी।
स्वच्छ दिल्ली मोबाइल ऐप में संशोधन करके धुआं देने वाले वाहन, कूड़ा जलाते फोटो खींचने और कार्रवाई करने के लिए होगा इस्तेमाल।