विदेशी फंड: कांग्रेस-बीजेपी ने कहा, हम हैं पाक साफ!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने कांग्रेस व भाजपा पर विदेशों से फंड लेने के आरोप लगाने संबंधी याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। दोनों राजनीतिक पार्टियों पर इंग्लैंड स्थित वेदांता ग्रुप की सब्सिडरी कंपनी से दान के रूप में करोड़ो रूपये का फंड लेने का आरोप लगाया गया है।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कांग्रेस-भाजपा व केंद्र सरकार के अलावा याचि के तर्क सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने सभी पक्षों को छूट प्रदान की कि यदि वे चाहे तो अपना लिखित पक्ष एक सप्ताह में पेश कर सकते है।
यह जनहित याचिका स्वयं सेवी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म और भारत सरकार के पूर्व सचिव ई.ए.एस.शर्मा ने दायर की थी। याची के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस व भाजपा ने फंड लेने में फॉरेन कांट्रिब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
वेदांता के सब्सिडरी कंपनी ने दिया था फंड
उन्होंने कहा दोनों राजनीतिक दलों ने इंग्लैंड स्थित वेदांता ग्रुप की सब्सिडरी कंपनी वेदांता रिसोर्स से भारी मात्रा में फंड लिया है। इसका खुलासा स्वंय वेदांता रिसोर्स ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में किया है।
उन्होंने कहा एफसीआरए कानून के तहत किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि में विदेशी कंपनियों से वित्तिय मदद नहीं ली जा सकती। उन्होंने कहा दोनों पार्टियों को दी जाने वाली आयकर छूट रद्द किए जाने का निर्देश दिया जाए।
चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने बताया था कि कांग्रेस व भाजपा को फंड मिलने के मामले में गृह मंत्रालय को 28 सितंबर 2012 व 11 जनवरी 2013 को पत्र लिखकर मामले के संबंध में कार्रवाई करने को कहा है, मगर मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
AAP पर भी लगा है विदेश से फंड लेने का आरोप
इस मामले में भी कोर्ट में केस चल रहा है। केंद्र ने कई बार आरोप लगाया है कि पार्टी अपने विदेशी फंड को लेकर पूरा ब्यौरा नहीं दे रही है।