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'जबरन बनाए संबंध तो शोर क्यों नहीं मचाया'

Wed, 03 Jun 2015 05:31 PM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 03 Jun 2015 05:31 PM IST
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'forced physical relationship then why not raised noise'

हाईकोर्ट ने कहा कि यह अविश्वसनीय है कि 22 वर्षीय युवक तीन बच्चों की मां से विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाएगा।

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इसके अलावा यह भी संभव नहीं है कि जवान लड़का परिवार की उपस्थिति में ऐसी महिला की मांग में सिंदूर भरने की हिम्मत करेगा।

हाईकोर्ट ने उक्त टिप्पणी करते हुए विवाह का झांसा देकर रेप के आरोप में सजा पाए गौरव मग्गो को बरी कर दिया। अदालत ने कहा सरासर यह मामला आपसी सहमति से यौन संबंध बनाने का है।

न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने तीन बच्चों की 32 वर्षीय मां के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपी ने मथुरा में उसके बच्चों, बहन व बेटी के सामने उसकी मांग में सिंदूर भर दिया और करीब तीन माह बाद मौके का फायदा उठाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

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शारीरिक संबंध बनाने की क्या मजबूरी थी?

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अदालत ने कहा कि यह आरोप स्वीकार योग्य नहीं है कि आरोपी ने विवाह का वादा कर उससे शारीरिक संबंध बनाए जबकि तीन माह पूर्व ही उसके पति की मौत हुई थी।

महिला परिपक्व है और यह समझती थी कि दोनों के बीच क्या हो रहा है। महिला के समक्ष आरोपी के परिवार से विवाह के संबंध में बात करने से पहले शारीरिक संबंध बनाने की क्या मजबूरी थी।

यदि याची ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे तो उसने शोर क्यों नहीं मचाया या फिर पुलिस को शिकायत क्यों नहीं दी। इस बात की कम ही संभावना है कि 22 वर्षीय लड़का तीन बच्चों की मां से विवाह का वादा करेगा।

जब लड़के ने दूरी बना ली तो मामला दर्ज करवा

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स्पष्ट है कि दोनों के बीच संबंध सहमति से बने और जब लड़के ने दूरी बना ली तो रेप का मामला दर्ज करवा दिया गया।

अदालत ने कहा ऐसे में वे निचली अदालत द्वारा दी गई सजा संबंधी फैसले को रद्द करते हैं। निचली अदालत ने 22 फरवरी 2014 को उसे सात वर्ष कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी थी।

क्या था मामला- उत्तरी दिल्ली क्षेत्र की महिला का आरोप था कि आरोपी उसके घर आता-जाता था और बीमार पति को अस्पताल ले जाता था। पति की 14 अक्तूबर 2011 को मौत हो गई।

दिसंबर 2011 को वह उसके परिवार के साथ मथुरा व आगरा गया और वहां उसकी मांग में सिंदूर भर दिया। इसके बाद 4 जनवरी 2012 को शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी जबरन अप्रैल तक संबंध बनाता रहा और फिर विवाह से इनकार कर दिया।
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