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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   For the first time in the country, AIIMS will provide training on mobile robotics for three days.

Delhi NCR News: देश में पहली बार एम्स में तीन दिन तक मोबाइल रोबोटिक से मिलेगा प्रशिक्षण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 09:56 PM IST
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-एम्स पीडियाट्रिक सर्जन को रोबोटिक सर्जरी के लिए कर रहा तैयार
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-मोबाइल रोबोटिक बस का हुआ अनावरण, 300 को मिलेगा प्रशिक्षण

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। भविष्य में बच्चों की भी रोबोट की मदद से सर्जरी की तैयारी है। इसके लिए एम्स दिल्ली पीडियाट्रिक सर्जन को रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण देने में जुट गया है। इसके लिए देश के पहले मोबाइल रोबोटिक प्रशिक्षण मंच का बुधवार को पीडियाट्रिक एंडोस्कोपिक सर्जन्स ऑफ इंडिया (पेसिकॉन 2026) के 21वें वार्षिक सम्मेलन में अनावरण हुआ। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के 300 से अधिक प्रतिनिधि रोबोटिक सर्जरी प्रशिक्षण लेने के लिए शामिल हो रहे हैं। एम्स के बाल शल्य चिकित्सा विभाग में प्रोफेसर प्रबुद्ध गोयल ने बताया कि दा विंची रोबोट की मदद से पीडियाट्रिक सर्जन को रोबोटिक सर्जरी के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए दो अलग-अलग मोबाइल रोबोटिक बस में प्रतिभागियों को सुविधा प्रदान की गई है। पहली बार देश में इस तरह की पहल प्रशिक्षण के लिए हुई है। सर्जन को रोबोटिक सर्जरी के प्रशिक्षण के लिए पांच से छह लाख रुपये का शुल्क चुकाना पड़ता है।

बस में मिल रहा रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले रोबोट की कीमत बाजार में करीब 30-40 करोड़ रुपये बताई जाती है। मगर, इस सम्मेलन के माध्यम से प्रतिभागियों को निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। मोबाइल रोबोटिक बस में प्रशिक्षण के लिए रोबोट लगा है। इसमें विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। मोबाइल रोबोटिक मंच भारत के शहरी-ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण को संबोधित करने के लिए एक मॉडल प्रदान करता है।
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देश में 200 से अधिक रोबोट
सम्मेलन के मुख्य आयोजन सचिव और एम्स बाल शल्य चिकित्सा विभाग में प्रोफेसर विशेष जैन ने बताया कि दो अलग-अलग कंपनी की मोबाइल रोबोटिक बस का उपयोग प्रशिक्षण के लिए कर रहे हैं। इसमें एक रोबोटिक बस में जीव पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोरोना के समय देश में सर्जरी के लिए दो-तीन रोबोट होते थे। अब देश में 200 से अधिक रोबोट की मदद से सर्जरी की जा रही है। भविष्य रोबोटिक सर्जरी का है।
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