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वसूली के आरोप में इंस्पेक्टर और SSI निलंबित, जिस थाने में तैनात थे उसी में हुई रिपोर्ट दर्ज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 20 Jun 2018 09:32 AM IST
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कॉलसेंटर मालिक से वसूली करने के आरोप में पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर सेक्टर-58 प्रभारी रहे और एसएसआई पर भ्रष्टाचार समेत कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज करके निलंबित कर दिया गया है, जिसमें 10-12 पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और सूरजपुर के थाना प्रभारी पंकज राय को सेक्टर-58 की कमान सौंपी है।
दरअसल, पुलिस महानिरीक्षक ओपी सिंह से सेक्टर-58 थाना प्रभारी अनिल प्रताप सिंह और एसएसआई राजेश कुमार की शिकायत कॉलसेंटर मालिक राहुल कुमार बिष्ट ने की थी। आरोप लगाया गया था कि सेक्टर-58 कोतवाली प्रभारी ने एसएसआई और 10-12 पुलिसकर्मियों के साथ उनके सेक्टर-57 स्थित कॉलसेंटर में छापेमारी की थी।
बिष्ट का आरोप है कि उनके यहां से कई लोगों को हिरासत में लिया गया था और लैपटॉप आदि जब्त किए गए थे। आरोप है कि सेक्टर-58 पुलिस की ओर से उनसे इस मामले को दबाने के लिए लाखों रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था। जब वह दबाव में नहीं आए, तो उनके खिलाफ फर्जी कॉलसेंटर चलाने के आरोप में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में 17 जून, 2018 को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बाद वह डीजीपी से मिले और पूरा मामला बताया।
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दरअसल, पुलिस महानिरीक्षक ओपी सिंह से सेक्टर-58 थाना प्रभारी अनिल प्रताप सिंह और एसएसआई राजेश कुमार की शिकायत कॉलसेंटर मालिक राहुल कुमार बिष्ट ने की थी। आरोप लगाया गया था कि सेक्टर-58 कोतवाली प्रभारी ने एसएसआई और 10-12 पुलिसकर्मियों के साथ उनके सेक्टर-57 स्थित कॉलसेंटर में छापेमारी की थी।
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बिष्ट का आरोप है कि उनके यहां से कई लोगों को हिरासत में लिया गया था और लैपटॉप आदि जब्त किए गए थे। आरोप है कि सेक्टर-58 पुलिस की ओर से उनसे इस मामले को दबाने के लिए लाखों रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था। जब वह दबाव में नहीं आए, तो उनके खिलाफ फर्जी कॉलसेंटर चलाने के आरोप में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में 17 जून, 2018 को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बाद वह डीजीपी से मिले और पूरा मामला बताया।
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डीजीपी ने आला अधिकारियों से इस मामले की जांच कराई, तो प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया, जिसके आधार पर इंस्पेक्टर और एसएसआई को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सेक्टर-58 थाने में ही इंस्पेक्टर, एसएसआई और 10-12 पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार निवारण, धमकी देने और जबरन वसूली करने समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
कई और अफसरों की वर्दी है दागदार
जिले में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत जिले के कई थानों में इसी तरह का खेल किया जाता है। किसी के कहने पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है और फिर उनको जेल भेज दिया जाता है। नोएडा के एक थाने में हाल ही में फर्जी मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार करके कोतवाल ने अपनी पीठ स्वयं ही थपथपाई है, जबकि अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उक्त एजेंसी के खिलाफ स्वयं अधिकारी ने ही फर्जी दस्तावेज और अन्य सुबूत तैयार कराए हैं।
इस मामले की जानकारी आला अधिकारियों को है। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी पर भी इसी तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि उनका भी इसी तरह के एक मामले में तबादला कर दिया गया है। वहीं, हाल ही में एसएसपी की ओर से पुलिस की एक पूरी विंग को हटा दिया गया है।
कई और अफसरों की वर्दी है दागदार
जिले में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत जिले के कई थानों में इसी तरह का खेल किया जाता है। किसी के कहने पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है और फिर उनको जेल भेज दिया जाता है। नोएडा के एक थाने में हाल ही में फर्जी मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार करके कोतवाल ने अपनी पीठ स्वयं ही थपथपाई है, जबकि अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उक्त एजेंसी के खिलाफ स्वयं अधिकारी ने ही फर्जी दस्तावेज और अन्य सुबूत तैयार कराए हैं।
इस मामले की जानकारी आला अधिकारियों को है। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी पर भी इसी तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि उनका भी इसी तरह के एक मामले में तबादला कर दिया गया है। वहीं, हाल ही में एसएसपी की ओर से पुलिस की एक पूरी विंग को हटा दिया गया है।