दिल्ली वालों के लिए अहम है बजट, लंबे वक्त में मिलेंगे बेहतर नतीजे
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केंद्र सरकार का 2016-17 का बजट आम आदमी को राहत देने वाला है। अगर हम यह कहें कि लंबी अवधि में यह बजट बेहतरीन नतीजे देगा तो गलत नहीं होगा।
चार्टर्ड एकाउंटेंट राजेश कुमार ने कहा कि सरकार ने इस बजट में अमीरों से पैसे निकालने के साथ गरीबों को राहत देने की पूरी कोशिश की है।
सालाना पांच लाख से कम कमाने वाले को टैक्स में पांच हजार रुपये की अतिरिक्त छूट सहित कई राहत मिली है। सरकार के इस बजट से जिसे ज्यादा खर्च करने की आदत है, वह ज्यादा टैक्स देगा। जो कम खर्च करेगा वह बचा भी पाएगा।
दिल्ली की ज्यादातर अबादी को मिलेगी राहत
अगर हम दिल्ली की बात करें तो यहां ज्यादातर आबादी किराये पर रहती है। यहां लोग बिजनेस में रुचि भी लेते हैं। अब उन्हें राहत मिलेगी। उन्हें किराये पर अभी तक सालाना 24000 टैक्स की छूट मिलती थी अब वह 60 हजार रुपये कर दी गई है।
यही नहीं अगर उनकी सालाना आय पांच लाख से कम है तो उन्हें तीन हजार के बजाए पांच हजार टैक्स की छूट मिलेगी। यह फायदा पांच लाख से कम कमाने वालों नौकरीपेशा (एचआरए न लेने वाले) को भी मिलेगा।
दिल्ली में ऐसी बड़ी आबादी है जिसकी आय इतनी है। लग्जरी गाड़ियों पर टैक्स बढ़ाकर भी सरकार ने दिल्ली के लिहाज से अच्छा कदम उठाया है।
टैक्स, ईपीएफ की राहत से दिल्लीवाले ले सकते हैं फायदा
इसी तरह नए उद्यम शुरू करने पर भी सरकार की ओर से टैक्स, ईपीएफ में जो राहत मिल रही है उससे दिल्लीवाले लाभ ले सकते हैं। दिल्ली से इंडस्ट्री को बाहर भेजने के बाद बहुत से लोग दोबारा बिजनेस करने के बजाए नौकरी करने लगे।
मगर अब बजट में मिली राहत के बाद वह दोबारा बिजनेस में उतरेंगे। इससे नई नौकरियां भी पैदा होंगी। सरकार का यह कदम ठीक है कि इंडस्ट्री को तीन केटेगरी में रखकर टैक्स लिया जा रहा है।
इससे बड़े टर्नओवर कंपनियों से टैक्स लेकर सरकार छोटे मुनाफा कमाने वाले कंपनियों को लाभ के रूप में दे रही है।
‘युवा उद्यमियों के लिए संजीवनी लाने वाला बजट’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि बजट में दर्शाया गया है कि सरकार अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कृत संकल्प है। गरीब महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन और 2018 तक सभी गांवों को बिजली सरकार के इसी कार्यकाल में पूरे होने वाले हैं।
बजट नौकरी पेशा युवा वर्ग के साथ-साथ युवा उद्यमियों के लिए भी संजीवनी लाने वाला है। प्रदूषण पर सरकार की चिंता का प्रमाण है कि डीजल एसयूवी गाड़ियों पर 2.5 प्रतिशत का अतिरिक्त कर लगाकर इनकी बिक्री को हतोत्साहित किया गया है।
उपाध्याय ने सर्विस टैक्स में वृद्धि पर चिंता जताई है। कहा है कि आवश्यक सेवाओं-वस्तुओं के साथ-साथ छोटे रेस्टोरेंट में सर्विस टैक्स की वृद्धि कम से कम की जानी चाहिए।