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अपराजिता: छात्राओं के लिए पढ़ाई के साथ खेल भी है जरूरी
Sat, 20 Jul 2019 10:50 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 20 Jul 2019 10:50 PM IST
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टीआरएस पब्लिक स्कूल में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत खेला फुटबाल मैच
- फोटो : Amar ujala
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सेक्टर-100 स्थित टीआरएस पब्लिक स्कूल में शनिवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं ने फुटबॉल मैच खेला। इस दौरान कोच ने उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। साथ ही उन्हें बताया गया कि पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी है। आज के समय में लड़कियां भी किसी खेल में कमजोर नही हैं।
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स्कूल संचालक रिषीपाल अवाना ने बताया कि सात अध्यापिकाएं 250 छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी आगे बढ़ा रहीं हैं। तीन साल पहले स्कूल खोला गया था। छात्राओं में खेल प्रतिभा देखते हुए स्कूल में लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, क्रिकेट ग्राउंड व बैडमिंटन कोर्ट बनवाया गया। हाल ही में 30 लाख रुपये की लागत से विशेष प्रकार का फुटबॉल मैदान भी बनवाया गया। जहां रोजाना निशुल्क छात्र-छात्राओं को खेल के गुर सिखाए जा रहे हैं। शिविर के तहत बच्चों का कहा कि पढ़ाई के साथ खेल से हमारा मनोबल बढ़ गया है। अमर उजाला के इस कार्यक्रम से हमें प्रेरणा मिली है। शिविर में मौजूद लोगों ने भी कार्यक्रम की सराहना की। यहां मौजूद पवन ने कहा कि इस पहल से लड़कियों व महिलाओं में भी खेल प्रति रुझान बढ़ेगा।
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जरूरी नहीं है कि हम पढ़ाई करके ही आगे निकल सकते हैं। अगर हम खेल प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करें तो सफलता पा सकते हैं।
- पूजा सिंह, छात्रा
मुझे फुटबॉल खेलना पसंद है। आगे चलकर मैं एक बेहतरीन फुटबाल खिलाड़ी बनना चाहती हूं। इसके लिए रोजाना अभ्यास कर रही हूं।
- ममता, छात्रा
इस शिविर के तहत बहुत कुछ सीखने को मिला है। इससे पता लगा कि हम भी कुछ कर सकते हैं। आगे बढ़ने के लिए और मेहनत करेंगे।
- नीशू राय, छात्रा
छात्राएं भी खेल के गुर सीख कर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। अगर हमें निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है तो हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
- निधि राय, छात्रा
ये मेरा सपना था कि एक दिन गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलूंगा। जहां बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल की जानकारी दी जाएगी। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पद का इस्तीफा देने के बाद मैने अपना सपना पूरा किया। अब मैं इन बच्चों को आगे बढ़ाने में लग गया हूं।
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- रिषीपाल अवाना, स्कूल संचालक