बैलगाड़ी की रफ्तार से चल रही रेलगाड़ी, कोहरे के कारण 2 से 25 घंटे की देरी से चल रहीं 103 ट्रेनें
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आकाश में छाया न तो धुंध छंटने का नाम ले रहा है और न ही मुसाफिरों की मुश्किल। लगातार बढ़ते धुंध और ट्रेन की थमी रफ्तार ने मुसाफिरों को हलकान कर दिया है।
रेलगाड़ी तो मानों बैलगाड़ी की रफ्तार से चल रहीं हैं। 103 ट्रेनें 2 से 25 घंटे देरी से चल रहीं हैं। वहीं लेट चलने के कारण सुबह चलने वाली ट्रेन शाम को रवाना की जा रही है। रविवार को 34 से अधिक ट्रेनें परिवर्तित समय से चलीं।
इन दिनों कोहरे के आगे रेलवे के तमाम उपाय भी फ्लॉप साबित हो रहे है। फॉग डिवाइस का इस्तेमाल तो किया जा रहा है, लेकिन घने कोहरे के कारण ट्रेन की रफ्तार को बरकरार रखने में यह भी कारगर साबित नहीं हो रहा है।
ट्रेन की सुस्त रफ्तार के कारण रेल यात्रियों को परेशान तो होना ही पड़ रहा है साथ ही बिगड़े टाइम टेबल के कारण स्टेशनों पर भी यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। ठंड बढ़ने के कारण यात्री ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्म पर ठिठुरने को भी मजबूर दिखाई पड़े।
घंटों देरी से चल रहीं वीआईपी ट्रेनें
कोहरे के आगे राजधानी ट्रेन की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। सुपर फास्ट श्रेणी वाली वीवीआईपी ट्रेनें भी घंटों लेट हो रहीं हैं। नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी शाम 4:55 की जगह देर शाम 7:30 बजे के लिए निर्धारित की गई।
नई दिल्ली-राजेंद्र नगर राजधानी शाम 5:15 की जगह रात 8:30 बजे के लिए निर्धारित की गई। नई दिल्ली-सियालदह राजधानी शाम 4:25 की जगह रात 8 बजे के लिए निर्धारित की गई। नई दिल्ली भुवनेश्वर राजधानी शाम 5:05 की जगह रात 8:10 बजे के लिए निर्धारित की गई।
उधर, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को चार घंटे देरी से रवाना करने का समय निर्धारित किया गया तो ताज एक्सप्रेस 5 घंटे लेट से रवाना किया गया। इसी तरह विक्रमशीला एक्सप्रेस 6 घंटे देरी से रवाना हुई।
कैफियत एक्सप्रेस शाम 7:15 की जगह देर रात 11:40 बजे के लिए पुनर्निर्धारित की गई। पूर्वा एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, ब्रह्मपुत्र, महाकौशल, युवा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें घंटों देरी से रवाना हुई।