Encounter in Delhi: खूंखार 78-गैंग के 5 बदमाश मुठभेड़ के बाद अरेस्ट, गिरोह छोटी-छोटी बात पर बहाता देता था खून
78-गैंग का पटेल नगर, राजेंद्र नगर, बलजीत नगर और आसपास के एरिया में आतंक है। लूटपाट करने के अलावा छोटी-छोटी बातों पर खून बहाते रहते हैं।
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मध्य दिल्ली के खूंखार 78-गैंग के पांच बदमाशों को पटेल नगर थाना पुलिस ने हल्की मुठभेड़ के बाद दबोचा है। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने टीम पर गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन गोली तमंचे के चैंबर में फंस गई। इसके बाद चाकू से हमला करने का प्रयास किया गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एक गोली चलाकर पांचों बदमाशों को काबू किया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना रमन महाना (29), प्रिंस उर्फ पिंचू (18), किश्विन चावला उर्फ मीकू (30), अंकित मारवाह उर्फ पप्पल (22) और जतित (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा, दो कारतूस, दो चाकू और तमंचे के चैंबर में फंसी एक गोली बरामद की है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि पिछले काफी समय से 78-गैंग पटेल नगर, बलजीत नगर और आसपास के एरिया में वारदातों को अंजाम दे रहा था। पटेल नगर थाने के इंस्पेक्टर कुलदीप शर्मा, एसआई रवि शंकर व अन्यों की टीम ने गैंग की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। इस बीच सोमवार को टीम को खबर मिली कि गैंग बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला है।
गैंग के सदस्य बलजीत नगर इलाके में रोड नंबर-20 पर इकट्ठा होंगे। फौरन एक टीम को तैयार किया गया। शाम करीब 4.45 बजे पांच-छह लड़के गुरुद्वारे के पास वहां पहुंचे। पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने पास में एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में शरण ले ली। पुलिस ने उनको सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन रमन ने पुलिस टीम पर तमंचा तानकर गोली चला दी। गोली चैंबर में ही फंस गई।
बाकी लड़कों ने चाकू से हमला करने का प्रयास किया। मजबूरन इंस्पेक्टर कुलदीप शर्मा को एक राउंड गोली चलानी पड़ी। इसके बाद आरोपियों को काबू किया गया। सभी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, ड्यूटी के दौरान हमला, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि रमन अधिकारिक महज तीन मामलों में शामिल रहा है जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि गैंग पिछले कई सालों में सैकड़ों वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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पुलिस गैंग के बाकी सदस्यों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। गिरोह का इस कदर आतंक है कि वारदात के बाद भी लोग पुलिस में शिकायत नहीं करते थे। यदि कोई शिकायत करता था तो गिरोह के सदस्य उसे परेशान करते थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरोह के बदमाश लोगों में डर पैदा करने के बाद लूटपाट व झपटमारी करते थे। रमन नहीं गिरोह बनाया था। उसके मकान का नंबर-78 था, इसलिए उसने अपने गैंग का नाम 78 रखा। शुरुआत में लोगों का लगा कि गैंग में शायद 78 लड़के हैं। धीरे-धीरे गिरोह में लड़कों की संख्या 100 को पार कर गई। गिरोह को अंकित कुमार, हितेश, दीपक और टिंकल बदमाशों ने आगे बढ़ाया।