फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   five lacs people security given to 12 thousand policemen in gurugram

पांच लाख महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल 12 महिला पुलिसकर्मियों पर

Sun, 22 Jan 2017 11:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sun, 22 Jan 2017 11:20 AM IST
विज्ञापन
five lacs people security given to 12 thousand policemen in gurugram
- फोटो : file photo

मेवात जिला कि करीब आबादी बारह लाख आबादी में से करीब 5 लाख महिलों के सुरक्षा कि जिमेवारी केवल 12 ही पुलिस कर्मियों के कंधों पर है। भले ही सरकार ने हर जिले में एक थाना और हर उपमंडल स्तर पर पुलिस महिला हेल्प डेस्क खोल दिये है लेकिन महिला पुलिस कर्मि और महिला अधिकारियों कि कमी के चलते पीडित महिलाआें को समय पर न्याय मिलना मुश्किल हो रहा है।

विज्ञापन


मेवात जिला के नूंह महिला थाने में नूंह, नगीना और रोजका मेवा पुलिस थानों को जोड रखा हैं। महिलाओं से संबंधित मामले इनके नूंह में ही दर्ज किये जाते हैं। इसके अलावा पुन्हाना, फिरोपुर झिरका और तावडू में महिला हेल्प डेस्क खोल रखी हैं। नूंह थाने में मुनशी कि जिमेदारी एक सिपाही को सौंप रखी है जबकी मुनशी एक हवालदार रेंक का होना चाहिये।
विज्ञापन


वहीं नूंह थाने में एक महिला इंस्पेक्टर, दो महिला सब इंस्पेंक्टर, एक एएसआई, चार सिपाही कार्यत है। इसके अलावा तावडू, बिछौर और फिरोजपुर झिरका में एक-एक महिला एएसआई और पुन्हाना थाने में एक महिला हवालदार कार्यत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गत वर्ष अकेले नूंह महिला थाने में 136 रेप, छेड-छाड के मामले दर्ज किये गये थे। इसके अलावा अन्य थानों में दहेज हत्या, दहेज उत्पीडन आदी के भी सैंकडों मामले दर्ज किये गये थे। मेवात जिला में आठ थाने और इतनी ही पुलिस चौकी हैं।

महिला थाना नूंह के अधिकारियों ने बताया कि कम पुलिस कर्मी और एनजीओ कम होने कि वजह से उनको जांच आदी में काफी दिक्कत आती है। वहीं कई पुलिस एनजीओ को हाईकोर्ट जाना पडता है।

फिलहाल हाईकोर्ट में मेवात से महिलाओं से संबंधित करीब 50 से अधिक मामले लगे हुऐ हैं। जहां कैसों के बारे में हाईकोर्ट को जवाब देना पडता है। कई बार पुलिस कर्मियों के छुट्टी चले जाने से भी काफी परेशानी होती है।

समाज सेवी उमर मोहम्मद पाडला और कांग्रेस युवा जिला प्रधान मुबारिक खान का कहना है कि सरकार ने उपमंडल स्तर पर तो पुलिस हेल्प डेस्क खोल दिये लेकिन कर्मचारी हैँ कि नहीं।

उनका कहना है कि जब रेवाडी रेंज कि आईजी ममता सिंह ने मेवात में ये हेल्प डेस्क खोले थे तब कहा था कि हर एक हेल्प डेस्क पर करीब पांच पुलिस कर्मी मौजूद रहेगें लेकिन एक केवल एक ही तैनात है। जिसकी वजह से थानों में आने वाली महिलाओं को समय पर न्याय नहीं पाता है।


क्या कहते है एसपी मेवात?
मेवात पुलिस कप्तान कुलदीप सिंह ने बताया कि जितनी भी महिला पुलिस कर्मी और एनजीओं से उनसे अच्छे से काम चलाया जा रहा है। सभी पुलिस हेल्प डेस्क और थानों में ज्यादा पुलिस कर्मी बढें इसके लिये विभाग से और महिला पुलिस कर्मियों कि मांग की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed