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Delhi NCR News: जन्म के पांच दिन बाद नवजात की ब्रेन सर्जरी, डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी
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-गर्भावस्था के दौरान समय पर बीमारी का पता चलने से सर्जरी की योजना बनाई जा सकी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की मदद से सफल ऑपरेशन हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने जन्म के महज पांच दिन बाद एक नवजात की जटिल ब्रेन सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी। बच्चे को जन्मजात हाइड्रोसेफेलस नामक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी थी, जिसमें सिर में द्रव जमा होने की वजह से मस्तिष्क पर दबाव बन जाता है। न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अनुराग सक्सेना ने बताया कि इतनी छोटी उम्र में ब्रेन सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है।
बच्चे का शरीर नाजुक होता है, ब्लड की मात्रा कम होती है और एनेस्थीसिया के दौरान जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर बीमारी का पता चलने से सर्जरी की योजना बनाई जा सकी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की मदद से सफल ऑपरेशन हुआ। नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. मीनू ग्रेवाल ने बताया कि सर्जरी के बाद बच्चे की हालत स्थिर रही और वह एनआईसीयू में बिना किसी जटिलता के ठीक हुआ। उन्होंने कहा कि समय पर न्यूरोलॉजिकल समस्या का पता चलने और तुरंत इलाज से बच्चे के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे को काफी हद तक टाला जा सका। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि इस तरह की सर्जरी में टीम वर्क और समय पर तैयारी सफलता की कुंजी होती है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि नवजात अब पूरी तरह से निगरानी में है और सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने जन्म के महज पांच दिन बाद एक नवजात की जटिल ब्रेन सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी। बच्चे को जन्मजात हाइड्रोसेफेलस नामक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी थी, जिसमें सिर में द्रव जमा होने की वजह से मस्तिष्क पर दबाव बन जाता है। न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अनुराग सक्सेना ने बताया कि इतनी छोटी उम्र में ब्रेन सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है।
बच्चे का शरीर नाजुक होता है, ब्लड की मात्रा कम होती है और एनेस्थीसिया के दौरान जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर बीमारी का पता चलने से सर्जरी की योजना बनाई जा सकी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की मदद से सफल ऑपरेशन हुआ। नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. मीनू ग्रेवाल ने बताया कि सर्जरी के बाद बच्चे की हालत स्थिर रही और वह एनआईसीयू में बिना किसी जटिलता के ठीक हुआ। उन्होंने कहा कि समय पर न्यूरोलॉजिकल समस्या का पता चलने और तुरंत इलाज से बच्चे के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे को काफी हद तक टाला जा सका। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि इस तरह की सर्जरी में टीम वर्क और समय पर तैयारी सफलता की कुंजी होती है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि नवजात अब पूरी तरह से निगरानी में है और सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहा है।
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