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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Five arrested for committing thefts using a luxury car, fake number plates, and walkie-talkies.

Delhi NCR News: महंगी कार, फर्जी नंबर प्लेट और वॉकी-टॉकी लेकर करते थे चोरी, पांच गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 06:21 PM IST
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बिजली के सामान की दुकानों को बनाते थे निशाना, दिल्ली-एनसीआर में 18 चोरी के मामलों का खुलासा, एक आरोपी अब भी फरार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली की महरौली थाना पुलिस ने बिजली के सामान की दुकानों में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी महंगी कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट, पुलिस की तरह वॉकी-टॉकी और आधुनिक इंटरनेट डिवाइस का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में बिजली के सामान की दुकानों में हुई चोरी के 18 मामलों का खुलासा हुआ है। एक आरोपी अकबर अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि 12-13 मई 2026 की रात महरौली के इग्नू रोड स्थित बिजली के सामान की एक दुकान का शटर तोड़कर चोर तांबे के तार के बंडल और नकदी चोरी कर ले गए थे। मामले की जांच महरौली थानाध्यक्ष रितेश शर्मा और एएसआई पंकज राजोरा की टीम को सौंपी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिससे पता चला कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगी कार का इस्तेमाल कर रहे थे।
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जांच के आधार पर पुलिस ने गांव खेरा, शाहदरा निवासी सोनू (32) को स्विफ्ट डिजायर कार समेत गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी के 22 बंडल तांबे के तार और दुकान के शटर तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले दो सब्बल बरामद किए गए। सोनू से पूछताछ के बाद न्यू विकास नगर, लोनी निवासी आरिफ (26) और चांद (30) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता उत्तर प्रदेश के अयूब (34) और दिल्ली के बृजपुरी निवासी उबैस (26) को भी दबोच लिया गया।
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रेकी कर करते थे वारदात
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी से पहले देर रात बिजली के सामान की दुकानों की रेकी करते थे। वारदात के दौरान आपसी संपर्क के लिए मोबाइल फोन की बजाय वॉकी-टॉकी सेट और इंटरनेट डोंगल का इस्तेमाल करते थे, ताकि तकनीकी निगरानी से बच सकें। चोरी के बाद तांबे के तार बेचकर मिली रकम से महंगी गाड़ियां खरीदी जाती थीं। पुलिस के अनुसार, गिरोह की भूमिका दिल्ली-एनसीआर में चोरी के 18 मामलों में सामने आई है। फरार आरोपी अकबर की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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