{"_id":"59927c3488cde2aaa930ed344f87fbaf","slug":"first-training-then-get-arms-license-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले ट्रेनिंग, फिर मिलेगा शस्त्र लाइसेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले ट्रेनिंग, फिर मिलेगा शस्त्र लाइसेंस
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 30 Jan 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शस्त्र लाइसेंस हासिल करने और इसे नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया को शासन ने अब और कड़ा कर दिया है। नए नियम के तहत अब प्रत्येक शस्त्रआवेदक को हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेनी होगी। ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट आवेदन के साथ ही जमा करना होगा। इतना ही नहीं शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भी यह सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है।
टेंशन में आवेदक, कहां से ले ट्रेनिंग: शस्त्र लाइसेंस के आवेदकों की सबसे बड़ी टेंशन यह है कि आखिर शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग कहां से ली जाए। शासन ने तो आदेश जारी कर दिया, मगर गाजियाबाद में शस्त्र लाइसेंस चलाने की ट्रेनिंग देने वाला एक भी सेंटर नहीं है।
कहने को निवाड़ी में जिला रायफल क्लब की शूटिंग रेंज है, मगर देखदेख केअभाव में यह बदहाल हालत में है। डीएम विमल कुमार शर्मा ने विगत दिनों एसएसपी को पत्र लिखकर पुलिस लाइंस में शस्त्र चलाए जाने की ट्रेनिंग देने की गुजारिश की थी, मगर पुलिस का जवाब नहीं आया है।
विज्ञापन
नवीनीकरण को अटके सैकड़ों लाइसेंस: नए नियम से नवीनीकरण को भी सैकड़ों शस्त्र लाइसेंस अटक गए हैं। पूर्व में बने लाइसेंस में भी ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में आवेदक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
टेंशन में आवेदक, कहां से ले ट्रेनिंग: शस्त्र लाइसेंस के आवेदकों की सबसे बड़ी टेंशन यह है कि आखिर शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग कहां से ली जाए। शासन ने तो आदेश जारी कर दिया, मगर गाजियाबाद में शस्त्र लाइसेंस चलाने की ट्रेनिंग देने वाला एक भी सेंटर नहीं है।
विज्ञापन
कहने को निवाड़ी में जिला रायफल क्लब की शूटिंग रेंज है, मगर देखदेख केअभाव में यह बदहाल हालत में है। डीएम विमल कुमार शर्मा ने विगत दिनों एसएसपी को पत्र लिखकर पुलिस लाइंस में शस्त्र चलाए जाने की ट्रेनिंग देने की गुजारिश की थी, मगर पुलिस का जवाब नहीं आया है।
विज्ञापन
नवीनीकरण को अटके सैकड़ों लाइसेंस: नए नियम से नवीनीकरण को भी सैकड़ों शस्त्र लाइसेंस अटक गए हैं। पूर्व में बने लाइसेंस में भी ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में आवेदक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।