भारत माता के जयघोष के साथ 1050 मजदूरों को लेकर मध्य प्रदेश रवाना हुई पहली ट्रेन
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भारत माता के जयघोष के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बृहस्पतिवार रात 8 बजे पहली श्रमिक ट्रेन 1050 मजदूरों को लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर स्टेशन के लिए रवाना हुई। ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म से छूटी तो जय श्रीराम के नारे भी लगे।
इस ट्रेन में नरेला के एक शेल्टर होम में रह रहे मध्य प्रदेश के 81 श्रमिक भी शामिल हैं। इनमें से 47 पुरुष, 15 महिलाएं व 19 बच्चे शामिल हैं। इन सभी की स्क्रीनिंग के बाद इन्हें मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया गया है। ट्रेन से जाने वाले सभी श्रमिकों को खाना और पानी सरकार की तरफ से मुहैया कराया गया है।
श्रमिक स्पेशल ट्रेन 24 कोच वाली है और प्रत्येक कोच में 72 की जगह 54 यात्रियों को ही बैठने की इजाजत मिली है। मध्यप्रदेश की सरकार ने सभी श्रमिकों का किराया रेलवे को चुकाया है। श्रमिकों को दिल्ली के विभिन्न रैन बसेरों व आश्रय बोर्ड से बस के माध्यम से लाया गया।
अभी भी 12 हजार लोग घर जाने को तैयार
मध्यप्रदेश के लिए दिल्ली से बेशक बृहस्पतिवार को पहली ट्रेन मजदूरों को लेकर रवाना हो गई, लेकिन अभी भी दिल्ली में करीब बारह हजार लोग अपने घर जाने को तैयार हैं। दिल्ली में रहने वाले दूसरे प्रदेशों के इन मजदूरों ने घर वापसी करने के लिए पंजीकरण करवा रखा है। अधिकारियों का कहना है कि इसमें सबसे ज्यादा संख्या बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वालों की है।
दरअसल, दिल्ली सरकार दो तरीकों से अपने घर जाने के इच्छुक मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कर रही है। डुसूब अपने अधीन चलने वाले शेल्टर होम में मैनुअली पंजीकरण करवा रहा है। वहीं, इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर एक फार्म भी डाउनलोड कर दिया गया है। जिला प्रशासन अपने क्षेत्राधिकार में शेल्टर होम से बाहर रहने वाले मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कर रहा है।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक करीब बारह हजार लोगों ने पंजीकरण करवाया है। इनकी लिस्ट संबंधित प्रदेशों के रेजिडेंट कमिश्नर को दे दी गई है। मध्यप्रदेश के अलावा अभी किसी प्रदेश की सरकार ने अपने मजदूरों को ले जाने के लिए दिल्ली सरकार को रिक्वेस्ट नहीं भेजी है।
बिहार के लिए आज रवाना होगी दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन
मध्य प्रदेश के बाद दिल्ली से दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार को बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होगी। नई दिल्ली से करीब 1200 यात्रियों को लेकर जाने वाली यह ट्रेन शनिवार सुबह अपनी मंजिल पर पहुंचेगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से यह दोपहर 3 बजे खुलेगी और मुजफ्फरपुर दूसरे दिन सुबह आठ बजे पहुंचेगी।
अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन 24 कोच की होगी। इसमें करीब 1200 यात्री सवार होंगे। ट्रेन नॉन स्टॉप चलेगी। इसमें दिल्ली के उन मजदूरों को भेजा जाएगा, जिन्होंने पंजीकरण करा रखा है। शुक्रवार को जाने वाले लोगों में से ज्यादातर शेल्टर होम से हैं। दिल्ली सरकार ने इन मजदूरों की मेडिकल स्क्रीनिंग का इंतजाम कर रखा है। दिल्ली के सभी संबंधित जिलों में सुबह से यह प्रक्रिया शुरू होगी। बाद में इनको डीटीसी की बसों में बिठाकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भेजा जाएगा, जहां से दोपहर करीब 3 बजे यह अपनी मंजिल के लिए रवाना होगी।
प्रवासी श्रमिकों को रेल टिकट मुहैया करने के लिए कांग्रेस तैयार: अनिल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर घर जाने के इच्छुक जरूरतमंदों और प्रवासी कामगारों के लिए रेल टिकट के भुगतान की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया है। प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में लिखा है कि दिल्ली में फिलहाल काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की संख्या, टिकट की कीमत की जानकारी मांगी है ताकि घर लौटने के इच्छुक प्रवासियों की सुविधा के लिए रेल टिकट के मद में राशि सीधे जमा की जा सके। दिल्ली कांग्रेस ने इसके लिए वादा भी किया है कि श्रमिकों को उनके शहर तक भिजवाने के लिए रेल टिकट देने के लिए तैयार हैं।
नई दिल्ली स्टेशन पुनर्विकास के लिए एक कदम और आगे
रेलवे लॉकडाउन के बीच स्टेशन के पुनर्विकास को अंजाम देने में जुटा हुआ है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए ऑनलाइन बैठक की। बैठक में 30 से अधिक फर्मों ने स्टेशन निर्माण में दिलचस्पी दिखाई। बैठक में ऑस्ट्रेलिया के काइटालफेर और लुईस बर्जर समेत देश और विदेश की करीब 30 फर्मों ने हिस्सा लिया।