दिल्ली में एमसीडी चुनाव में पहली बार होने जा रहा ऐसा मुकाबला
नगर निगम चुनाव में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला
- अभी तक हुए 10 चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बीच होती रही है टक्कर
- इस बार आम आदमी पार्टी भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरी
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नगर निगम चुनावों के इतिहास में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है। अभी तक नगर निगम के लिए हुए कुल 10 चुनावों में कांग्रेस एवं भाजपा (जनसंघ व जनता पार्टी) के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है। इन चुनावों में अधिकांश बार कांग्रेस पर भाजपा भारी रही है।
नगर निगम के तीन हिस्से होने के बाद भी कांग्रेस एक भी नगर निगम में भाजपा को पछाड़ नहीं सकी। वहीं, इस बार आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में है। इस चुनाव में भी भाजपा इतिहास दोहराने में कामयाब होती है या फिर आम आदमी पार्टी एवं कांग्रेस उसे रोक पाती हैं, यह 26 अप्रैल को स्पष्ट हो जाएगा।
नगर निगम चुनाव में पहली बार तीन प्रमुख दलों के बीच लड़ाई हो रही है। इससे पहले वर्ष 2007 एवं 2012 के चुनाव में बसपा ने त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के लिए ताल ठोंकी, लेकिन दोनों बार वह कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी।
मगर इस बार आम आदमी पार्टी पूरी ताकत के साथ नगर निगम चुनाव में उतरी है। आप ने गत वर्ष तीनों नगर निगम के 13 वार्डों के उपचुनाव में भाजपा एवं कांग्रेस से अधिक वार्डों में जीत हासिल की थी।
नगर निगम चुनाव में कब कौन जीता
इसके अलावा दिल्ली में आप की सरकार होने के कारण उसे भाजपा एवं कांग्रेस हल्के में नहीं ले रहे हैं। दोनों दल एक-दूसरे पर हमले करने के बजाए आप पर निशाना साध रहे हैं। इस तरह नगर निगम के इतिहास में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है।
एकीकृत नगर निगम के पहली बार वर्ष 1958 में चुनाव हुए थे और वर्ष 2007 में उसका अंतिम चुनाव हुआ। इस दौरान नगर निगम के नौ चुनाव हुए। इन चुनावों में कांग्रेस का वर्ष 1983 से 2007 के बीच हुए चुनाव में भाजपा के साथ मुकाबला हुआ, जबकि वर्ष 1977 में कांग्रेस व जनता पार्टी (तब भाजपा नहीं थी और जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया था) के बीच चुनावी भिड़ंत हुई थी। वहीं, वर्ष 1958 से 1972 तक कांग्रेस एवं जनसंघ के बीच चुनावी दंगल हुआ था। इन नौ चुनावों में भाजपा पांच बार जीती और जबकि कांग्रेस चार बार जीत सकी।
वर्ष 2012 में नगर निगम का विभाजन हो गया और तीन नगर निगम बनाए गए। इन नगर निगमों के वर्ष 2012 में चुनाव हुए और भाजपा ने कांग्रेस को करारी शिकस्त देते हुए तीनों नगर निगम में जीत हासिल की, जबकि उस दौरान माना जा रहा था कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस जीत हासिल करेगी। मगर भाजपा ने एकीकृत नगर निगम की भांति तीनों नगर निगमों में भी अपना सिक्का जमाया।
वर्ष ========जीता
1958 कांग्रेस
1962 कांग्रेस
1967 जनसंघ
1972 जनसंघ
1977 जनता पार्टी
1983 कांग्रेस
1997 भाजपा
2002 कांग्रेस
2007 भाजपा
2012 भाजपा