विश्व में पहली बार इस सर्जरी से हुआ इलाज!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल का दावा है कि विश्व में पहली बार 10 वर्षीय बच्चे के स्पाइनल कॉर्ड की सफल रोबोटिक सर्जरी की गई है।
इससे पहले इस तरह की सर्जरी विश्व के किसी अन्य देश में नहीं की गई। सर्जरी के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और आराम से चल सकता है।
अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के सीनियर कंसलटेंट डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बच्चे की सर्जरी आम रोबोटिक मशीन से ही की गई, लेकिन इसमें कुछ अलग तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
झारखंड का है बच्चा
उन्होंने बताया कि झारखंड निवासी शिवम कोलैप्स वर्टिब्रा का शिकार था और उसकी रीढ़ की हड्डी दब रही थी। इससे रीढ़ की हड्डी में कई जगह पस जमा हो गया था। शुरुआती जांच-पड़ताल में टीबी की शिकायत के बाद उसे अपोलो रेफर किया गया था।
यहां बेहतर विकल्प के तौर पर उसकी रोबोटिक सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सामान्य सर्जरी में सीने और गर्दन की ओर बड़ा सा चीरा लगाया जाता है और मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है।
परंपरागत तरीके से सर्जरी करने पर मरीज को काफी तकलीफ होती है और ठीक होने में भी समय लगता है। इसी वजह से रोबोटिक सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। 15 जुलाई को बच्चे की सर्जरी की गई, इसमें दो घंटे का समय लगा।