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सरकारी अस्पताल में पहली बार दूरबीन से सर्जरी कर घुटने के पिछले लिगामेंट को किया ठीक
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 27 Nov 2016 09:32 AM IST
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दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दिल्ली के एक युवक के घुटने के पिछले हिस्से के लिगामेंट को ठीक करने के लिए पहली बार दूरबीन की मदद से सर्जरी की गई। खास बात यह भी रही है कि सर्जरी के दौरान फ्रैक्चर हुए हिस्से को जोड़ने के लिए स्क्रू का सहारा नहीं लिया गया बल्कि विशेष किस्म के धागे से टांका लगाया गया।
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सर्जरी करने वाले चिकित्सकों का दावा है कि इस तकनीक से किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार सर्जरी की गई है। वर्ष-2015-16 में इस तकनीक से सर्जरी करने की शुरुआत अमेरिका और जर्मनी में हुआ लेकिन अब भारत के सरकारी अस्पताल में भी होना शुरू हो गया।
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सफदरजंग अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बलविंदर सिंह व उनकी टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को दिल्ली के 18 वर्षीय युवक अंकुर की दूरबीन से सफल सर्जरी की। डॉ. सिंह ने बताया कि अंकुर सड़क हादसे में घायल हो गया था। जिसकी वजह से उसके घुटने के पिछले हिस्से के लिगामेंट में फ्रैक्चर आ गया था।
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जरा सी लापरवाही से कट सकता है पैर
इसकी वजह से वह तीन सप्ताह से बिस्तर पर पड़ा था। डॉ. सिंह का कहना है कि ओपन सर्जरी में लिगामेंट के पास की नस दबने का खतरा रहता है और यदि ऐसा हो जाए तो पैर तक काटने की नौबत आ जाती है।
डॉ. बलविंदर ने बताया कि इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए दूरबीन से सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। पैरे में दो छोटे-छोट छेद किए गए जिसके माध्यम से फ्रेक्चर की जगह पहुंच कर फ्रैक्चर लिगामेंट को स्टीच किया गया।
इस तकनीक से सर्जरी करने के बाद मरीज को भविष्य में कोई दिक्कत नहीं होगी। जबकि परंपरागत तरीके से सर्जरी करने पर स्क्रू के ढिला होने सहित दूसरे खतरे बने रहते थे। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे जल्द अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
डॉ. बलविंदर ने बताया कि इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए दूरबीन से सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। पैरे में दो छोटे-छोट छेद किए गए जिसके माध्यम से फ्रेक्चर की जगह पहुंच कर फ्रैक्चर लिगामेंट को स्टीच किया गया।
इस तकनीक से सर्जरी करने के बाद मरीज को भविष्य में कोई दिक्कत नहीं होगी। जबकि परंपरागत तरीके से सर्जरी करने पर स्क्रू के ढिला होने सहित दूसरे खतरे बने रहते थे। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे जल्द अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।