नौ साल बाद जब अपनी ही बेटी की हत्या का मिटा कलंक तो ये बोल पड़े तलवार दंपति
नौ साल के लंबे संघर्ष और कई रातें जेल में बिताने के बाद आखिर आरुषि तलवार के मां-बाप को अपनी ही बेटी की हत्या के आरोप से मुक्त करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें इस कलंक से मुक्त कर दिया।
पेशे से डॉक्टर तलवार दंपति फिलहाल गाजियाबाद के डासना जेल में कैद हैं। आमतौर पर जेल में सुबह उठने के बाद नाश्ते करके नुपुर तलवार जेल में बच्चों को पढ़ाने का काम करती हैं। साथ ही जेल में ही मरीजों को भी देखते हैं और उनका इलाज करते हैं।
हालांकि आज सुबह से ही दोनों के चेहरे पर फैसले को लेकर उत्सुकता थी जो उनके दिनचर्या में भी दिखाई दी। आज नुपुर तलवार ने न तो बच्चों को पढ़ाया और न ही इस दंपति ने मरीजों को देखा।
जेलर ने क्या कहा
सुबह उठने के बाद आज सुबह से ही दोनों गुरुवाणी पढ़ते रहे और उनकी निगाह टीवी पर टिकी रही। दोपहर में तीन बजे के बाद टीवी चैनलों पर जैसे ही फैसले की खबरे चलीं उनकी उत्सुकता बढ़ गई।
अपने फैसले में इलाहाबाद कोर्ट ने तलवार दंपति को अपनी ही बेटी और नौकर की हत्या के कलंक से मुक्त करते हुए उन्हें बरी करने का आदेश दिया। कोर्ट से बरी होने की सूचना मिलने के बाद तलावार दंपति ने कहा कि लंबे समय से हमें जिस न्याय की उम्मीद थी वो आज पूरी हो गई।
आदेश आने के बाद डासना जेल के जेलर डीआर मौर्या ने बताया कि राजेश और नुपुर तलवार खुश हैं और उनका कहना है कि उन्हें न्याय मिल गया है।