सुल्तानपुरी इलाके में बृहस्पतिवार सुबह मकान के भीतर पार्किंग में खड़ी स्विफ्ट कार में खेल रही दो मासूम झुलस गयी।
जलती कार में बंद हुई बच्चियां, शीशे तोड़ निकाला गया, गंभीर
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बच्चों की चीख-पुकार सुन दौड़े सदस्य।
दोनों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत बिगडने पर सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों बच्चियों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर कर रही है। बच्चियों की पहचान दीपांशी (3) और रक्षिता (2) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार हनुमान प्रसाद (69) सपरिवार कृष्णा विहार में रहते हैं। परिवार में दो बेटे मोहित और मनोज हैं। जो अपने परिवार के साथ रहते हैं। हनुमान प्रसाद की पहाड़गंज में गत्ता बनाने की फैक्टरी है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे मोहित की बेटी दीपांशी और मनोज की बेटी रक्षिता मकान के भीतर बनी पार्किंग में खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार में खेल रही थी। उस समय हनुमान प्रसाद घर में नहा रहे थे। अचानक कार से आग की लपटें निकालने लगी। बच्चियों की चीख पुकार सुनकर घर के सभी सदस्य घर के बाहर निकले। कार में लगी आग में फंसी बच्चियों को निकालने के लिए उन लोगों ने कार के सामने के शीशे तोड़ दिये और पानी मारकर आग पर काबू पाया। उसके बाद बच्चियों को बाहर निकाला। कार का भीतरी हिस्सा जल चुका था और दोनों बच्ची काफी झुलस चुकी थीं।
परिवार वालों ने दोनों को तुरंत इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने बच्चियों का प्राथमिक इलाज कर दोनों को सफदरजंग रेफर कर दिया। बच्चियां 40 से 50 फीसदी झुलस गयी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की। कार में चाबी नहीं लगी थी। ऐसे में कार में कैसे आग लगी पुलिस इसकी तफ्तीश में जुटी है।
परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि बच्चियों को खेलने के लिए उन्हें अकसर कार में बिठा देते थे। दोनों कार में खेलती रहती थी। घटना के समय दीपांशी आगे बैठी थी और रक्षिता पिछली सीट पर मौजूद थी।