घर में लगी आग, दूसरी मंजिल से कूदी महिला
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नई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-6 स्थित एक मकान में शनिवार दोपहर एलपीजी रिसाव से आग लग गई। आग
पड़ोस के दो मासूम दूसरी मंजिल पर एक कमरे में आग के बीच फंस गए। सपना को बेहद गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दमकल की दो गाड़ियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया।
इस पूरी घटना के दौरान एक ऐसी बात हुई जो बहुत कम देखने को मिलती है और जिसे हम चाहते हैं कि हमेशा ऐसा ही हो। हम जैसी व्यवस्था का सपना देखते हैं ये काफी हद तक ऐसा ही था। आगे की स्लाइड में पढ़िए कि ऐसा क्या हुआ जिस पर नाज कर सकते हैं।
रसोई में माचिस जलाते ही लगी आग
पुलिस के मुताबिक सपना अपने पति सुनील सेठ के साथ डी-8/83 रोहिणी सेक्टर-6 में रहती हैं। सुनील एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट हैं। सपना
अपने घर में ही दूसरी मंजिल पर क्रेच (बच्चों की देखभाल केंद्र) चलाती है।
इलाके के कुछ दफ्तर जाने वाले लोग अपने बच्चों की देखभाल के लिए इनके
क्रेच में छोड़ जाते हैं। शनिवार दोपहर घर में सपना क्रेच के दो
बच्चों मुनेष और अनमोल भाटिया (दोनों साढ़े तीन साल) के साथ मौजूद थी। वह
रसोई में खाना बनाने गई। माचिस जलाते ही रसोई में आग लग गई।
आग की चपेट में
आने से सपना करीब 60 फीसदी झुलस गई। जान बचाने को उसने दूसरी मंजिल से
नीचे छलांग लगा दी, वह नीचे खड़ी सेंट्रो कार पर गिरी। इस बीच आग पूरे घर में फैल गई। खबर मिलते ही नॉर्थ रोहिणी थाने का पुलिस स्टॉफ भी पहुंच गया।
सिपाही जोगिंदर ने जान पर खेलकर बचाई बच्चों की जान
हेड कांस्टेबल बलवान और सिपाही जितेंद्र की मदद से सिपाही जोगिंद्र बराबर वाले मकान से होता हुआ आग वाले मकान में पहुंचा। जान पर खेलकर उसने दरवाजा तोड़कर दोनों मासूमों को बाहर निकाला।
दोनों बच्चे बिल्कुल सुरक्षित हैं और सपना को जयपुर गोल्डन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साठ प्रतिशत जल जाने के कारण उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
परिजनों ने दिया धन्यवाद तो लोगों ने की जय जयकार
थोड़ी सी भी देर
होती तो शायद आग दोनों मासूमों को निगल जाती। जिस कमरे में दोनों मासूम
फंसे हुए थे, उसका दरवाजा लगभग जल ही चुका था।
जोगिंद्र ने लात मारकर पहले
दरवाजा तोड़ा। इसके बाद दोनों मासूमों को उठाकर बालकनी तक ले आया और एक-एक
कर पुलिस के अन्य स्टॉफ के हवाले किया। बच्चों के आते ही भीड़ दिल्ली पुलिस
और जोगिंद्र के नारे लगाने लगी।
मुनेष अपने पिता दीपक के साथ डी-8/146 में
रहता है। वहीं अनमोल भाटिया परिवार के साथ ए-1/216 में रहता है। दोनों
मासूम पूरी तरह सुरक्षित हैं।