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सांप्रदायिक टिप्पणी करने वाली महिलाओं पर दर्ज की जाए एफआईआर : कोर्ट
Fri, 08 May 2020 09:18 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 08 May 2020 09:18 PM IST
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तीस हजारी कोर्ट ने लॉकडाउन का उल्लंघन और कथित रूप से सांप्रदायिक टिप्पणी करने वाली दो महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा कोरोना वायरस संकट के दौरान सांप्रदायिक वैमनस्य के लिए राष्ट्र तैयार नहीं है, लिहाजा इस तरह की घटना को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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ड्यूटी एमएम ऋषभ कपूर ने मामले पर संज्ञान लेते हुए हौज काजी थाना प्रभारी प्रभारी को इस सिलसिले में आईपीसी की संबद्ध धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा, यह घटना मध्य दिल्ली के लाल कुआं में हुई जो बेहद संवेदनशील इलाका है, जहां पहले भी सांप्रदायिक तनाव देखा गया है। ऐसी घटना से इलाके की शांति भंग हो सकती है।
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इस संबंध में वैज इस्लाम नामक स्थानीय निवासी ने कोर्ट में शिकायत करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की। आवेदक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 16 अप्रैल को रात 11.30 बजे दो महिलाएं लाल कुआं इलाके में आईं और दूसरे समुदाय के लोगों के खिलाफ सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ नारे लगाए। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी यूट्यूब पर अपलोड हुआ, जो बाद में वायरल भी हुआ।
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आवेदनकर्ता ने कोर्ट से कहा कि उन्होंने इस संबंध में स्थानीय थाना प्रभारी को व्हाट्सएप पर सूचना दी और इसके साथ ही संबद्ध पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को भी ईमेल से सूचना दी, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, पुलिस ने अदालत को बताया कि दोनों महिलाओं का पता लगा लिया गया है और यह पाया कि वे सड़कों पर लावारिस कुत्तों को खाना दे रही थी क्योंकि वे गैर सरकारी संस्था के लिये काम करती हैं। पुलिस ने कार्रवाई रिपोर्ट में कहा कि जांच के दौरान कोई संज्ञेय अपराध नहीं पाया गया।