सरकार बदलते ही वाड्रा के करीबी पर मुकदमा दर्ज
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सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के लिए हरियाणा और राजस्थान में लैंड डील कराने वाले महेश नागर के खिलाफ नयी सरकार आते ही एफआईआर दर्ज की गई है। एक व्यक्ति ने सेंट्रल थाने में उनके खिलाफ प्लॉट पर कब्जा करने का केस दर्ज कराया है।
महेश के भाई ललित नागर तिगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक चुने गए हैं। उन्होंने यह सीट केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से छीनी है। गुर्जर सांसद और मंत्री बनने से पहले इस सीट से विधायक थे।
इसलिए विधायक ललित नागर ने इस मुकदमे को राजनैतिक साजिश करार देते हुए कहा कि हरियाणा की नयी सरकार ने अपने गठन के 36 घंटे के अंदर ही बदले की भावना से काम करना शुरू कर दिया है।
फरीदाबाद के सेक्टर-16 निवासी संदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी जमीन जिले के बिकेनेर गांव में है। उनका आरोप है कि महेश नागर उनके साथी कैलाश और उमेश ने सेक्टर-12 स्थित तहसील के एक वकील की मदद से फर्जी कागजात तैयार करवा करोड़ों रुपये कीमत की यह जमीन बेच डाली।
'राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज किया मामला'
संदीप सिंह ने आशंका जाहिर की है कि यह लोग अब बुढैना गांव स्थित उनकी करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को भी फर्जी कागजात के आधार पर कब्जा कर बेचने की तैयारी कर रहे हैं। संदीप ने इन लोगों से अपनी जान का भी खतरा बताया है। मामले की जांच कर रहे एएसआई ईश्वर सिंह ने बताया कि फिलहाल जमीन के कागजात और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
फरीदाबाद के तिगांव से कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने कहा है कि सत्ता में आते ही भाजपा ने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ ओछी राजनीति शुरू कर दी है। राजनेताओं के परिजनों पर झूठे मुकदमें दर्ज कराना इस पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है।
ललित का कहना है कि पुलिस जब भी किसी व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करती है तो उसे थाने बुलाकर पहले पूछताछ करती है। आरोप लगाया कि पुलिस ने सीट छिन जाने से बौखलाए भाजपा नेता के दबाव में आकर नियमों को ताक पर रखकर आनन-फानन एफआईआर दर्ज की है।
नागर ने कहा कि जिस संदीप ने यह झूठा मामला दर्ज करवाया है, वह उनके भाई महेश नागर के कार्यालय पर पिछले दस वर्षो से काम करता था और पिछले दो महीनों से बिना किसी जानकारी के कार्यालय पर नहीं आ रहा है।