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अब फिल्म में दिखेगा दिल्ली के पेरेंट्स का दर्द
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Mar 2015 02:10 PM IST
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राजधानी में नर्सरी दाखिला अभिभावक के लिए किसी जंग से कम नहीं होता। सीट पक्की करने वाला अभिभावक अगले बारह साल के लिए जंग जीत जाता है।
अभिभावकों के इसी जद्दोजहद को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी हो रही है। इसके लिए मुंबई के जाने-माने फिल्म निर्माता ने एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख, नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस की अध्यक्ष और स्प्रिंगडेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वट्टल से मुलाकात की है।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि फोरम पर वर्ष 2014 जून से एक फिल्म निर्माता लगातार सक्रिय हैं।
उन्होंने काफी जांच-पड़ताल के बाद जनवरी 2015 में एक मेल के जरिये उनसे संपर्क किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया और इसके चलते इसकी परेशानी से जूझ चुके अभिभावकों के अनुभवों पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई।
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वोहरा ने बताया कि जानकारी जुटाने के लिए वह लगातार मुंबई से दिल्ली आते रहे। इस दौरान उन्होंने स्कूल के पहलुओं को जाना समझा। वहीं, दाखिले की समस्या के समाधान के विषय में भी बातचीत की।
एनपीएससी अध्यक्ष और स्प्रिंगडेल्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वट्टल ने भी बताया कि फिल्म निर्माता ने उनसे नर्सरी दाखिले के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि नर्सरी दाखिला ऐसा विषय है, जिस पर लगातार चर्चा होती आ रही है। जरूरत है कि इसके हर पहलू को सामने रखा जाए। चाहे फिर वह अभिभावक की समस्या हो, या फिर स्कूल की समस्या।
ई-बुक ‘सेवन इलेवन’ से आया विचार
सुमित वोहरा बताते हैं कि फिल्म निर्देशक से जब उन्होंने यह जानना चाहा कि इस विषय पर फिल्म बनाने का विचार कैसे आया तो उन्होंने बताया कि वह एक साल से रिसर्च कर रहे हैं।
इसके लिए वह फोरम के सदस्य भी बने। वोहरा के मुताबिक, उनकी वेबसाइट पर ही उन्होंने उनकी ई बुक सेवन इलेवन देखी। उसके बाद नर्सरी पर प्रकाशित उनकी पुस्तक को देखा।
मुंबई में पुस्तक न मिलने पर उन्होंने दिल्ली से पुस्तक मंगवाई, जिसके बाद इस विषय को लेकर फिल्म बनाने का विचार आया।
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अभिभावकों के इसी जद्दोजहद को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी हो रही है। इसके लिए मुंबई के जाने-माने फिल्म निर्माता ने एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख, नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस की अध्यक्ष और स्प्रिंगडेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वट्टल से मुलाकात की है।
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि फोरम पर वर्ष 2014 जून से एक फिल्म निर्माता लगातार सक्रिय हैं।
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उन्होंने काफी जांच-पड़ताल के बाद जनवरी 2015 में एक मेल के जरिये उनसे संपर्क किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया और इसके चलते इसकी परेशानी से जूझ चुके अभिभावकों के अनुभवों पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई।
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वोहरा ने बताया कि जानकारी जुटाने के लिए वह लगातार मुंबई से दिल्ली आते रहे। इस दौरान उन्होंने स्कूल के पहलुओं को जाना समझा। वहीं, दाखिले की समस्या के समाधान के विषय में भी बातचीत की।
एनपीएससी अध्यक्ष और स्प्रिंगडेल्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वट्टल ने भी बताया कि फिल्म निर्माता ने उनसे नर्सरी दाखिले के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि नर्सरी दाखिला ऐसा विषय है, जिस पर लगातार चर्चा होती आ रही है। जरूरत है कि इसके हर पहलू को सामने रखा जाए। चाहे फिर वह अभिभावक की समस्या हो, या फिर स्कूल की समस्या।
ई-बुक ‘सेवन इलेवन’ से आया विचार
सुमित वोहरा बताते हैं कि फिल्म निर्देशक से जब उन्होंने यह जानना चाहा कि इस विषय पर फिल्म बनाने का विचार कैसे आया तो उन्होंने बताया कि वह एक साल से रिसर्च कर रहे हैं।
इसके लिए वह फोरम के सदस्य भी बने। वोहरा के मुताबिक, उनकी वेबसाइट पर ही उन्होंने उनकी ई बुक सेवन इलेवन देखी। उसके बाद नर्सरी पर प्रकाशित उनकी पुस्तक को देखा।
मुंबई में पुस्तक न मिलने पर उन्होंने दिल्ली से पुस्तक मंगवाई, जिसके बाद इस विषय को लेकर फिल्म बनाने का विचार आया।